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Nainital News: राज्य ही नहीं, एचआईवी की भी राजधानी है देहरादून

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हल्द्वानी। राजधानी देहरादून में एचआईवी रोगियों की बढ़ी संख्या चिंता का सबब बन गई है। प्रदेश में देहरादून और कुमाऊं में नैनीताल जिले की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। नैनीताल जिले में अप्रैल से अक्तूबर तक सात माह में 196 एचआईवी संक्रमित मिले हैं। यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
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देहरादून में पिछले आठ सालों में 2929 एचआईवी संक्रमित मिले हैं। इस अवधि में पूरे राज्य में 6937 मरीज मिले हैं। देहरादून में साल 2018-19 में एचआईवी के 469 मरीज मिले। ये एक साल में अब तक वहां मिले सबसे ज्यादा एचआईवी संक्रमित मरीज हैं। राज्य में दूसरे नंबर पर हरिद्वार जिला है। यहां आठ साल में एचआईवी के 1151 मरीज मिले हैं। इधर कुमाऊं में नैनीताल जिले में एचआईवी संक्रमितों की संख्या अब तक सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। नैनीताल जिले में पिछले आठ साल में 1145 मरीज एचआईवी के मिले हैं। इस साल अभी तक अप्रैल से लेकर अक्तूबर तक जिले में 196 एचआईवी संक्रमित मिले हैं।
ऐसे होता है एचआईवी
:- एक से अधिक व्यक्तियों से असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
:- संक्रमित सुई और सिरिंज से
:- एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने से
ये हैं लक्षण
:- वजन कम होना और किसी भी बीमारी में दवा का न लगना
:- गले-मुंह में लगातार छाले रहना और उल्टी व दस्त की शिकायत रहना
:- खुजली, हरपीज और गुप्त रोग होना।
ये सावधानियां बरतें
:- शादी से पहले युवक-युवतियां एचआईवी की जांच कराएं
:- असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित सुई से बचें
:- एचआईवी मरीज पौष्टिक भोजन लें, स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं
:- धूम्रपान, मद्यपान, नशीली दवाओं का सेवन न करें
:- व्यायाम करें, शारीरिक स्वच्छता पर ध्यान दें
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आईसीटीसी में पाए गए एचआईवी संक्रमितों की संख्या
जिला 2015-16 16-17 17-18 18-19 19-20 20-21 21-22 22-23
अल्मोड़ा 27 18 22 14 17 18 15 7
बागेश्वर 9 9 6 10 2 11 9 4
चमोली 3 7 6 6 6 2 5 0
चंपावत 10 15 8 10 5 5 10 4
देहरादून 384 369 428 469 455 214 343 267
पौड़ी 39 20 36 39 20 19 27 18
हरिद्वार 85 142 174 167 161 113 174 135
नैनीताल 110 121 147 179 181 88 123 196
पिथौरागढ़ 44 25 31 19 28 28 26 10
रुद्रप्रयाग 20 11 13 16 11 10 10 5
टिहरी 5 13 11 12 9 16 11 12
यूएसनगर 80 74 76 126 137 76 105 78
उत्तरकाशी 6 5 9 8 8 2 5 3
(साल 2022-23 के दौरान उपलब्ध आंकड़े अप्रैल 2022 से अक्तूबर 2022 तक के हैं)
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कोरोनाकाल के बाद बढ़ी संक्रमण दर
हल्द्वानी। साल 2015-16 में हुईं 179592 जांचों में एचआईवी की संक्रमण दर 0.46 प्रतिशत थी जो साल 2020-21 में 315740 जांचों में घटकर 0.19 प्रतिशत रह गई थी। कोरोनाकाल शुरू होने के साथ ही एचआईवी जांच में संक्रमण दर बढ़ने लगी। साल 2021-22 में हुई 353566 एचआईवी जांचों में ये बढ़कर 0.25 प्रतिशत और साल 2022 में अप्रैल से अक्तूबर के दौरान हुई 290015 जांचों में 0.25 प्रतिशत दर्ज की गई है। वर्तमान में उत्तराखंड में एस्टीमेट एडल्ट एचआईवी प्रिवेलेंस (15-49 साल) संक्रमण दर 0.12 प्रतिशत है। (स्रोत: टेकभनीकल रिपोर्ट-2021, एनएसीओ)
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5580 रोगी ले रहे हैं केयर सपोर्ट ट्रीटमेंट
हल्द्वानी। एचआईवी संक्रमित लोगों की देखभाल, सहायता एवं चिकित्सा और उपचार में स्वास्थ्य विभाग मदद करता है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में सात एआरटी सेंटर हैं। जहां वर्तमान में कुल 5580 एचआईवी संक्रमित मरीजों को एंटी रेट्रो वायरल दवाएं नि:शुल्क दी जा रहीं हैं। इन दवाओं से रोगी की आयु बढ़ जाती है। हालांकि उसे रोग मुक्त किया जाना संभव नहीं है। हल्द्वानी में राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एआरटी सेंटर है।
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नैनीताल जिले में सात बच्चों में एचआईवी संक्रमण
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में सात बच्चों में एचआईवी संक्रमण पाया गया है। इनका उपचार एआरटी सेंटर हल्द्वानी से चल रहा है। जिला प्रोबेशनल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी बच्चों को विभाग में सूचीबद्ध किया गया है। इन बच्चों की देखरेख विभाग की ओर से भी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल तक नैनीताल जिले में एचआईवी संक्रमित बच्चों की संख्या तीन ही थी। जो अब बढ़कर सात हो गई है।
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छिपाकर नहीं बताकर मिलेगा एड्स से छुटकारा
- एचआईवी संक्रमित मरीजों को राज्य में मौजूद एआरटी सेंटरों से नि:शुल्क दवाएं दी जा रहीं हैं। साथ ही एचआईवी से बचने को लेकर जागरूकता अभियान भी समय-समय पर चलाया जाता है। पीड़ितों को चाहिए कि एड्स के लक्षण मिलने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क करें। बीमारी को छिपाए नहीं, बल्कि समय पर उपचार कराएं।
-डॉ. शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य महानिदेशक, उत्तराखंड।
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एचआईवी संक्रमण छूने से नहीं फैलता है। इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन दवाओं की मदद से मरीज की आयु बढ़ सकती है। एचआईवी संक्रमण से जुड़ी कोई भी जानकारी निकट के एआरटी सेंटर से ली जा सकती है।
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डॉ. भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल।
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