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 शासनादेश की लेटलतीफी से न गेहूं मिला न चावल

Wed, 10 May 2017 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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गेहूं - फोटो : अमर उजाला
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नए शासनादेश नहीं मिलने के कारण जिले के 1.10 लाख एपीएल कार्डधारकों को गेहूं और चावल नहीं मिल पाया है। विभाग के अधिकारी भी असमंजस में हैं कि पिछले महीने का कोटा किस मूल्य में जारी करें।
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शासन ने प्रदेश के एपीएल कार्डधारकों का गेहूं और चावल का दाम बढ़ा दिया है। पहले एपीएल कार्डधारक को पांच रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और नौ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल दिया जाता था। लेकिन शासन ने अब एपीएल कार्डधारकों के गेहूं और चावल के दाम बढ़ा दिए हैं।

अब गेहूं 8.60 प्रति किलोग्राम और चावल 16 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिए हैं। लेकिन अभी तक शासनादेश नहीं पहुंचा है।  इससे पूर्ति विभाग असमंजस में है। वहीं मार्च में राशन का कोटा देर से प्राप्त होने और अप्रैल में राशन का कोटा प्राप्त होने के बाद भी विभाग के अधिकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को कोटा जारी नहीं कर पा रहे हैं।
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 इससे जिले के 1.10 लाख कार्डधारकों को प्रति कार्ड के पांच किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल दो महीने से नहीं मिल पाया है। 

एनएफएस का कोटा जारी

नेशनल फूड सिक्योरिटी के तहत बने कार्ड धारकों को मई का कोटा जारी कर दिया गया है। इससे जिले के 1.26 लाख कार्डधारकों को राहत मिली है। इस योजना के तहत कार्डधारकों को 1.9 किलोग्राम प्रति यूनिट गेहूं दो रुपये प्रति किलोग्राम और 3.1 किलोग्राम चावल प्रति यूनिट तीन रुपये की दर से दिया जा रहा है। 

शासन से आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। अप्रैल का कोटा देर से मिलने और मई का कोटा मिलने के बाद भी अभी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को एपीएल कार्डधारकों का गेहूं-चावल नहीं जारी किया जा चुका है। आदेश आते ही कोटा जारी कर दिया जाएगा।
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- तेजबल सिंह डीएसओ नैनीताल
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