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बैंकों से कोई नहीं लौटा निराश

Fri, 02 Dec 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
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बैंकों में भले ही करेंसी की कमी हो रही हो, लेकिन किसी भी ग्राहक को बैंक खाली हाथ वापस नहीं जाने दे रहे हैं। अपने ही खाताधारकों को बैंक 24 हजार रुपए दे रहे हैं तो दूसरी ब्रांच के खाताधारकों को भी छह से आठ हजार रुपए दिए जा रहे हैं। विवाह के लिए आने वाले लोगों को 24 हजार का भुगतान हो रहा है। 
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एसबीआई, पीएनबी, बॉब, द नैनीताल बैंक चेस्ट करेंसी ब्रांच हैं। आरबीआई से करेंसी इन बैंकों में आती है। चेस्ट करेंसी ब्रांच अपनी शाखाओं एवं संबद्ध बैंकों को करेंसी देते हैं। बृहस्पतिवार को बॉब और पीएनबी के पास ही धनराशि पहुुंची। पीएनबी अपनी ही ब्रांच के खाताधारकों को करेंसी की कमी के चलते 10 हजार रुपए दे रहे हैं। जबकि, पीएनबी की अन्य शाखा में खाता रखने वाले अगर हल्द्वानी की शाखा में पहुंच रहे हैं तो उन्हें भी चार से पांच हजार रुपए दिए जा रहे हैं।

एसबीआई अपने ही ब्रांच के खाताधारकों को 24 हजार रुपए दे रहा है, जबकि एसबीआई की अन्य ब्रांच के खाताधारक अगर हल्द्वानी शाखा में पहुंच रहे हैं तो छह से आठ हजार रुपए दिए जा रहे हैं। बॉब भी जिले की अन्य ब्रांच के खाताधारकों को निराश नहीं जाने दे रहा है। 
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। आरबीआई ने सभी बैंकों को निर्देश दिए थे कि कैंप लगाकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के खाते खोले जाएं। 25 नवंबर को सभी बैंकों को निर्देश मिल गए थे। शनिवार (26 नवंबर) को बैंक में अवकाश होने के बावजूद भी बैंकों ने विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाए। लीड बैंक कार्यालय के मुताबिक छह दिन के भीतर जिले में 276 कैंप लगाए गए और 1,658 खाते खोले गए। 
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पीएनबी की हल्द्वानी शाखा में बृहस्पतिवार को एक हजार का नोट टुकड़े में आया। इस ग्राहक के पास एक हजार के नोट के तीन टुकड़े लेकर आया था। नोट बीच से फटे हुए थे। काउंटर पर बैठे बैंक कर्मी ने तुरंत मुख्य प्रबंधक बीके शर्मा से संपर्क किया। शर्मा ने बताया कि नोट बीच से काटा गया है। कैंची या ब्लेड से काटा गया नोट नहीं बदला जाता है। उन्होंने बताया कि आरबीआई ने जानबूझकर करेेंसी खराब करने वाले के नोट न बदलने की हिदायत दे रखी है। बैंक में बहुत देर तक इस बात पर भी चर्चा रही कि कहीं आरबीआई के अधिकारी ही तो नोट बदलाने नहीं आए हैं। आरबीआई के अधिकारी परखना चाह रहे हों कि बैंक गाइड लाइन का पालन कर रहे हैं या नहीं। 
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