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दून में कोई बूचड़खाना नहीं तो ट्रकों में जानवर क्यों लोड हो रहे हैं

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प्रतीकात्मक फोटो।
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नैनीताल। दून वैली में चल रहे अवैध स्लॉटर हाउस मामले में जिलाधिकारी की ओर से हाईकोर्ट में शपथ पत्र के माध्यम से पेश रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रशासन ने देहरादून के भंडारी बाग में नगर निगम द्वारा संचालित स्लॉटर हाउस को बंद कर दिया है। कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम देहरादून को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के साथ ही यह बताने को कहा है कि देहरादून में कोई बूचड़खाना संचालित नहीं होने पर लाइव स्टॉक (जानवरों से) का ट्रक लोड क्यों हो रहा है।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी वरुण सोबती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून में अवैध रूप से चल रहे स्लॉटर हाउस बंद किए जाएं। याचिकाकर्ता की ओर से खुले में पशु वध करने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याची ने कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। यहां अवैध रूप से स्लॉटर हाउस चलाने के साथ ही खुले में पशुओं का वध किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कोई भी स्थान जहां दस या उससे अधिक पशुओं का वध किया जा रहा है वह स्थान नियमानुसार वधशाला है। डीएम केवल सरकारी बूचड़खाने बंद कर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन का दावा नहीं कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि डीएम को निजी स्तर पर दस या उससे अधिक पशुओं का वध करने वाले बूचड़खाने भी बंद करने चाहिए। भारत सरकार की शर्तों के अनुसार दून में कोई बूचड़खान कानूनी रूप से वैध नहीं है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने डीएम देहरादून को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के साथ ही यह बताने को कहा है कि देहरादून में कोई बूचड़खाना संचालित नहीं होने पर लाइव स्टॉक का ट्रक लोड क्यों हो रहा है।
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