महिलाएं अपने दर्द को आंसुओं में ना बहाए, बल्कि उस जटिल समस्या का डटकर मुकाबल करे, तभी जीत निश्चित है। नगरपालिका ऑडिटोरियम हॉल में चले छह दिनी सर्वोदया कार्यक्रम के समापन पर अभिनेत्री सुकीर्ति कांडपाल ने यह बात कही। इस दौरान विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देने वाले प्रशिक्षकों को भी एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने सम्मानित किया।
सर्वोदया कार्यक्रम के समापन पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अमिता लोहनी ने कहा कि यदि महिलाएं खुद सशक्त हो जाएं तो उन्हें किसी कानून या पुलिस की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने आयोग की ओर से अभिनेत्री सुकीर्ति कांडपाल, योग प्रशिक्षक देवकी कांडपाल, ताइक्वांडो प्रशिक्षक गुंजन को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। एडवोकेट ललित तिवारी ने कहा कि यदि समाज में विघटन को समाप्त करना है तो बेटे ओर बेटी के फर्क को घर में दूर करना होगा।
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने पर जोर देते हुए कहा कि महिला उत्पीड़न की घटनाएं सहन नहीं की जाएंगी। कोतवाल कैलाश पंवार ने कहा कि सर्वोदया कार्यक्रम का मकसद अपने जीवन को संवारने से है। पीड़ित महिलाएं थाने आएं तो उनकी मदद की जाएगी। कार्यक्रम में भोर सोसायटी के संजय रिखाड़ी व मनोज जोशी के लेखन एवं निर्देशन में ब्रेक द् आइस नाटक के मंचन के माध्यम से आधुनिक समाज में महिलाओं की स्थिति और इनके प्रति सामान्य जन भावना की विपरीत मानसिक रवैये की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन पीआरओ भावना कैंथोला, एसआई पुनीता बलोदी ने किया। इस दौरान डेल्टा फैक्ट्री समेत नगर, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं मौजूद रहीं।