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मुनस्यारी, बंगापानी, धारचूला के मोटर और पैदल पुल बहने से 60 गांव अलग-थलग पड़े

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चरीगाड़ में खतरे की जद में आया बीआरओ का मोटर पुल। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। लगातार हुई भारी बारिश के कारण मुनस्यारी, बंगापानी और धारचूला क्षेत्र में दो मोटर पुल खतरे की जद में आ गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से कई पैदल और मोटर पुल बह गए हैं। चीन सीमा से लगा कंज्योती में सोबला और दारमा घाटी को जोड़ने वाला पक्का पुल और सोबला में सीपीडब्लूडी का सीमेंट का अस्थायी पुल भी बह गया है।
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पैदल और मोटर पुल बहने से लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। बंगापानी और मुनस्यारी तहसील में दो ट्रॉलियां भी बह गई हैं। इससे लोग काफी परेशान हैं। पैदल और मोटर पुलों के बहने से सीमांत के 60 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। लोगों ने शीघ्र पुलों का निर्माण कर क्षतिग्रस्त पुलों को ठीक करने की मांग की है।
लगातार हो रही बारिश के कारण जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क में सैंथल के पास बीआरओ का बेली ब्रिज खतरे की जद में आ गया है। दराती-मतियाली सड़क में लोनिवि का पक्का पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। बंगापानी तहसील के जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क में चरीगाड़ में बना बीआरओ का मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।
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ये पुल कभी भी भरभराकर गिर सकता है। इस पुल से बीआरओ ने आवाजाही पर रोक लगा दी है। धारचूला ब्लॉक के बीआरओ का कंज्यूति में सोबला और दारमाघाटी को जोड़ने वाला पक्का पुल बह गया है। सोबला में बना सीपीडब्लूडी का अस्थाई सीमेंट का पुल भी बह गया है। सीपीडब्लूडी ने यहां पर बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।
एक सप्ताह के भीतर इस पुल से आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। मुनस्यारी के गांवों को जोड़ने वाले बुगडियार, लास्पा, सुरिंगगाड़, धपवा पुल, ध्वस्त हो गए हैं। गोरीपार के बसंतकोट को जोड़ने वाली ट्रॉली बह गई है। यहां के लोग मदकोट, बसंतकोट से आवाजाही कर रहे हैं।
मल्ला जोहार को जाने वाला पैदल रास्ता मपांग के पास ध्वस्त हो गया है। बंगापानी के लुम्ती, घरुड़ी को जोड़ने वाली ट्रॉली पूर्व में बह गई थी। जिस स्थान पर नई ट्रॉली का निर्माण कार्य किया जा रहा था, वह भी पूरी तरह बह गया है।
पिछले साल की आपदा में पूरी तरह से खतरे की जद में आए टांगा गांव को जोड़ने वाले दानीबगड़ में बना पैदल पुल की ट्रॉली भी बह गई है।
मोटर पुल, पैदल पुल और ट्रॉलियों के बहने से धारचूला, मुनस्यारी और बंगापानी के 60 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। यहां जरूरी सामान की भारी किल्लत हो गई है। लोगों ने शीघ्र पुलों का निर्माण करने की मांग की है।
आपदा में कई पैदल पुल, मोटर पुल, ट्रॉलियां बहने की सूचना मिली है। संबंधित विभाग को उन्हें ठीक करने के निर्देश दे दिए हैं। जिन स्थानों पर अस्थायी पुल बनाकर आवाजाही हो सकती है, उन स्थानों पर अस्थायी पुल बनाए जाएंगे।
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- अभय प्रताप सिंह, एसडीएम, मुनस्यारी।

नामिक गांव को जोड़ने वाला ध्वस्त पैदल पुल।- फोटो : PITHORAGARH

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