भीमताल (नैनीताल)। आठ महीने से मनरेगा योजना में बजट नहीं मिलने से नैनीताल जिले पर 12 करोड़ रुपये का कर्जा चढ़ गया है। साथ ही जिले की आठ ब्लॉकों में लगभग 3,200 निर्माण कार्य बजट के अभाव अधर में लटक गए है।
केंद्र सरकार से बजट नहीं मिल पाने से ग्राम पंचायतों के प्रशासक गांवों में विकास कार्य नहीं करा पा रहे हैं। मनरेगा के निर्माण कार्यों में रुचि भी नहीं दिखा रहे हैं। वहीं निर्माण सामग्री बेचने वाले दुकानदार भी रेता, सीमेंट, सरिया, ईंट और अन्य सामग्री देने में आनाकानी करने लगे हैं।
इसके चलते जिले में मनरेगा के निर्माण कार्य भी प्रभावित होने लगे है।
जिले में 53000 मनरेगा श्रमिक कर रहे हैं रोजगार : जिले में कुल 92,000 मनरेगा श्रमिकों में से वर्तमान समय में 53,000 एक्टिव श्रमिक रोजगार कर रहे हैं। मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार मिल रहा है और रोजाना 237 रुपये मजदूरी दी जाती है। श्रमिकों की मजदूरी सीधे श्रमिकों के खाते में आती है।