उत्तराखंड की सत्ता से बेदखल कांग्रेसियों के लिए हाईकोर्ट का फैसला कुछ भी हो कांग्रेस चुनाव मैदान में उतरने का मन बना चुकी है। सियासी उठापटक के बाद सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस फिलहाल जनता की सहानुभूति को भूनाने में कोई चूक नहीं करना चाहती। पूर्व वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश की मानें तो कांग्रेस जनता के सामने जाने को पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस चुनाव किसी के भी नेतृत्व में लड़े दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
विधायक इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस एक पार्टी है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी बगावत से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता। दोनों ही कांग्रेस के टिकट से विधायक हैं। जनता की चुनी सरकार में अस्थिरता लाकर बहुगुणा और हरक सिंह रावत ने कांग्रेस ही नहीं जनता के साथ भी विश्वासघात किया है। हरक सिंह रावत और विजय बहुगुणा के हरीश रावत के नेतृत्व परिवर्तन के बाद कांग्रेस में वापसी के सवाल पर इंदिरा हृदयेश ने कहा कि अब बागियों की कोई सुनवाई नहीं होगी। हरीश रावत ने उन्हें वापसी का पूरा मौका भी दिया।
विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए डा. हृदयेश ने कहा राष्ट्रपति शासन कब तक चलेगा। उसकी भी एक समय सीमा है। आखिर में जनता के दरबार में जाना ही पड़ेगा। कांग्रेस विधानसभा का चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ेगी और कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? के सवाल पर डा. हृदयेश बोली, फैसला हाईकमान तय करेगा। चेहरा किसी का भी हो जनता भाजपा का धूल चटाएगी। एक तिहाई बहुमत के साथ कांग्रेस दोबारा सरकार बनाएगी।
ठप हो गए छह सौ करोड़ के विकास कार्य
विधायक डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने से विकास कार्य बंद हो गए हैं। छह सौ करोड़ के विकास कार्य रुक गए हैं। अब नौकरशाहों के हाथों में व्यवस्था पकड़ा दी गई है। नौकरशाहों को विकास से कोई सरोकार नहीं है।