हल्द्वानी। जीतपुर नेगी में अमेजन के जिस वेयर हाउस में शुक्रवार रात अग्निकांड हुआ था, उसे चलाने के लिए दमकल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया गया था। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो प्रारंभिक जांच में यह तथ्य उजागर हुआ। प्रारंभिक जांच में दमकल विभाग की लापरवाही भी सामने आई है।
अग्निकांड में जला भवन कई साल पुराना है जो रामपुर सड़क निवासी उमेश चंद्र डालाकोटी का है। कुछ साल पहले तक यहां खड़िया का गोदाम था। खड़िया का काम बंद होने के बाद भवन स्वामी ने पिछले साल मार्च में इसे अमेजन को वेयर हाउस के लिए किराये पर दे दिया था। सिटी मजिस्ट्रेट बाजपेयी ने बताया कि भवन स्वामी की ओर से दमकल विभाग के एनओसी नहीं ली गई थी। वेयर हाउस संचालन के बावजूद दमकल विभाग के अधिकारियों ने भी कभी जांच नहीं की। दमकल विभाग के पास बगैर एनओसी संचालित हो रहे ऐसे वेयर हाउस अथवा व्यावसायिक इमारतों को जिलाधिकारी की अनुमति के बाद सील करने तक का अधिकार प्राप्त है। बाजपेयी ने बताया कि वेयर हाउस के भीतर एक ईवी स्कूटी भी चार्जिंग में लगी हुई थी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इसी स्कूटी के रात भर चार्जिंग प्वाइंट में लगे रहने के कारण कोई शार्ट सर्किट हुआ हो। बाजपेयी ने दमकल अधिकारियों को ऐसे सभी स्थानों की सघन जांच कर उनका अग्निशमन ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार कुलदीप पांडे आदि मौजूद रहे।