शिक्षक दीपक नौंगाई ने बताया कि सुबह होते ही बंदरों का झुंड विद्यालय प्रांगण में पहुंच जाता है। बंदरों के कारण बच्चे न तो एक साथ बैठकर मध्याह्न भोजन कर पाते हैं और न ही खेलकूद कर पाते हैं। बच्चों को मिड-डे मील कमरों के अंदर दरवाजे बंद कर खाना पड़ रहा है। बंदर कक्षाओं के भीतर तक घुस जाते हैं। भगाओ तो काटने को दौड़ते हैं, जिससे हर समय भय का माहौल बना रहता है।
शिक्षक नौंगाई ने वन विभाग से पिंजरे लगाकर बंदरों को पकड़ने की मांग की है। साथ ही इस प्रकरण को सीएम पोर्टल पर भी दर्ज कराया है।