अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा निवासी नितेश बिष्ट ने बॉलीवुड में नया मुकाम हासिल किया है। नितेश ने नए साल पर रिलीज होने वाली रईस फिल्म में साउंड इंजीनियर की भूमिका निभाई है। इससे पूर्व नितेश कई अन्य फिल्मों में भी संगीत दे चुके हैं।
नितेश का बचपन लमगड़ा गांव में ही बीता।
उनके पिता भूपाल सिंह बिष्ट जलसंस्थान हल्द्वानी में कार्यरत हैं। उनकी इंटर तक की शिक्षा जीआईसी लमगड़ा से हुई है। उन्होंने एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी से बीएससी किया। नितेश ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि बीएससी की पढ़ाई के दौरान उन्होंने कॉलेज के संगीत विभाग में वाद्य यंत्र बजाना सीखा और लगातार रियाज की।
वह पारंपरिक लोकवाद्य हुड़का और बांसुरी बजाते थे। इसके बाद उन्होंने साउंड आइडिया अकादमी मुंबई से साउंड इंजीनियरिंग का कोर्स किया। उन्होंने बताया कि कॅरिअर की शुरुआत भूतनाथ रिटर्न्स फिल्म से की। इस फिल्म में उन्होंने असिस्टेंट साउंड इंजीनियर की भूमिका निभाई। पुरानी जींस, 21 तोपों की सलामी में भी उनकी यही भूमिका रही।
वह रमन राघव फिल्म और सत्यमेव जयते में सीरियल में रिकॉर्डिंग एंड मिक्सिंग इंजीनियर की भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही संगीत में रुचि होने के कारण उन्होंने इसे ही कॅरिअर के रूप में अपनाने का मन बनाया। वह काका भाई के स्टूडियो को देखकर साउंड इंजीनियर बनने के लिए प्रेरित हुए।
नितेश संगीतकार सोनू निगम, सुखविंदर, मिल्खा सिंह आदि के साथ भी काम कर चुके हैं। बताया कि वर्तमान में वह संगीतकार रामसंपत के स्टूडियो में बतौर रिकॉर्डिंग एंड मिक्सिंग इंजीनियर का काम कर रहे हैं। नितेश ने बताया कि रईस फिल्म में सात गाने हैं। रईस अपराध पर आधारित, राहुल ढोलकिया निर्देशित फिल्म है। इस फिल्म में शाहरुख खान, माहिरा खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुख्य किरदार निभा रहे हैं।
अहम होती है साउंड इंजीनियर की भूमिका
साउंड इंजीनियर की भूमिका किसी भी सीरियल या फिल्म में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। नितेश के मुताबिक साउंड इंजीनियर का काम गायन और पार्श्व संगीत में तालमेल बैठाने के साथ ही गाने की मिक्सिंग का भी होता है। उनके मुताबिक साउंड इंजीनियर का काम दो स्तरों प्री-प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन पर होता है। बताया कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल उपकरणों से आवाजों का संयोजन करना और कई तरह की आवाजें बनाना और उन्हें रिकॉर्ड करना होता है।