भवाली-अल्मोड़ा एनएच पर रविवार सुबह मुख्यमंत्री ड्यूटी के लिए कांस्टेबलों को लेकर बेतालघाट जा रही पुलिस वैन के रातीघाट के पास ब्रेक फेल हो गए। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वैन को पहाड़ी से टकरा दिया, जिसके बाद वैन सड़क पर पलट गई, जिससे उसमें सवार 26 पुलिस कर्मी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल तीन पुलिस कर्मियों में से एक को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है।
नैनीताल पुलिस लाइन से पुलिस वैन (यूए 04 ई-4297) रविवार सुबह 26 पुलिस कर्मियों को लेकर बेतालघाट की ओर जा रही थी। साढ़े आठ बजे जैसे ही वैन रातीघाट के पास पहुंची, तभी उसके ब्रेक फेल हो गए। चालक सुरेश चंद्र ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वैन को सड़क किनारे की पहाड़ी से टकरा दिया, जिसके बाद वैन एनएच के बीचोंबीच पलट गई। बाद में डंपर की मदद से पलटी वैन को हटाया गया।
इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित रहा। घायलों को एंबुलेंस 108 एवं पुलिस के अन्य वाहनों से सीएचसी खैरना लाया गया, जहां से 23 पुलिस कर्मियों को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल उपनिरीक्षक अमर सिंह ह्यांकी को 108 से हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि दो अन्य घायलों गौरव सिंह एवं शिवशंकर खबर लिखे जाने तक सीएचसी खैरना में ही भर्ती थे।
वहीं, हादसे की सूचना मिलते ही सीएम ड्यूटी को जा रहे सीओ नैनीताल हरीश चंद्र सती, भवाली के कोतवाल हरीश चंद्र पांडा, चौकी प्रभारी देवनाथ गोस्वामी खैरना सीएचसी पहुंचे। उन्होंने घायलों का हाल जाना।
ये हुए घायल ः वैन चालक सुरेश चंद्र, कांस्टेबल राजीव कुमार, महेंद्र नयाल, प्रेम पाल, सुरेंद्र रौतेला, मनोज शर्मा, ललित तिवारी, महेंद्र सिंह, कमल बिष्ट, महिप किशोर, समेंद्र सिंह, श्रीकृष्ण, आनंद सिंह, सुनील, शिवशंकर, अनिल कुमार, मनोज द्विवेदी, गौरव सिंह, महेंद्र सिंह, संजय यादव, विजय कुमार, मोनू कुमार, हरीश सिंह बिष्ट, दीपक रौतेला, जहीर अहमद, उपनिरीक्षक अमर सिंह ह्यांकी सभी निवासी पुलिस लाइन नैनीताल।
सड़क पर पलटी पुलिस वैन में सवार कुल 26 पुलिस कर्मियों में से 23 पुलिस कर्मी ऐसे थे, जिन्हें हल्की चोटें आई थी। हालांकि इन्हें सीएचसी खैरना में प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन उक्त सभी पुलिस कर्मियों को आराम की जरूरत थी, क्योंकि वह सभी हादसे के बाद से घबराए थे। बावजूद इसके पुलिस के आला अधिकारियों ने चोटिल पुलिस कर्मियों को फिर से मुख्यमंत्री ड्यूटी में बेतालघाट भेज दिया।