राजमार्ग के जानलेवा गड्ढों पर प्रशासन और पुलिस की नींद तब टूटी जब एक सेवानिवृत्त सूबेदार को जान गंवानी पड़ी। कहीं जन आक्रोश न भड़क जाए इसकी चिंता सताई तो पुलिस सक्रिय हुई। कोतवाल ने एनएच के अधिकारियों को फोन कर दो टूक कहा कि गड्ढे तुरंत भरो वर्ना मुकदमा झेलने के लिए तैयार रहो।
इससे एनएच के अधिकारी हरकत में आए और गड्ढों को पाटने का काम शुरू कर दिया गया। तीन पानी से लेकर लालकुआं तक हाइवे पर गड्ढों और बेतरतीब दौड़ रहे डंपरों के कारण लोग हादसों में जान गंवा रहे हैं।
मंगलवार को बिंदुखत्ता गांधीनगर निवासी (55) वर्षीय सेवानिवृत्त सूबेदार राजेंद्र सिंह पिमोली अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे। ट्रांसपोर्ट नगर से कुछ आगे बढ़ते ही स्कूटी सड़क के गड्ढों में फिसल गई। वह सड़क पर गिरे तो डंपर ने उन्हें कुचल दिया।
लोगों के आक्रोश को देखते हुए कोतवाल रविकुमार सैनी ने बुधवार को एनएच अधिकारियों को फोन किया। चेतावनी दी कि जल्द गड्ढों को भरने का काम शुरू हो वर्ना वे मुकदमा दर्ज करने जा रहे हैं।
इससे एनएच में हाइवे का निर्माण कर रही सद्भावना कंपनी के डीपीएम सुरजीत सिंह और एचआर हेड राजेश यादव हरकत में आए। दोनों अधिकारियों ने कोतवाली पुलिस के साथ लालकुआं से नगला बाईपास तक सड़क का निरीक्षण किया।
इसके बाद कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को गड्ढे भरने के निर्देश दिए गए। दोपहर बाद गड्ढे भरने का काम शुरू हुआ।
कहीं पुराना जैसा हाल न हो जाए
पिछले दिनों इन्हें गड्ढों में फंसकर हादसे हुए तो एनएच विभाग के अधिकारी हरकत में आए थे। गड्ढों के भरने का काम शुरू किया गया था मगर नगर के कुछ ही जगह गड्ढे भरे गए। इसके बाद विभाग चुप बैठ गया।
व्यापारियों ने दी थी चेतावनी
शुक्रवार को युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी की अगुवाई में व्यापारियों ने तीनपानी पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि गड्ढे जल्द नहीं भरे गए तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
लोगों का गुस्सा जायज है। गड्ढे वाकई जानलेवा बन गए हैं। अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सारे गड्ढे भरने को कहा गया है। पहले दिन करीब आधा किमी गड्ढे पाटे गए हैं।
- रविकुमार सैनी, कोतवाल लालकुआं।