हल्द्वानी मृतक सैयद रईस का फाइल फोटो।
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बनभूलपुरा के लाइन नंबर 10 में बुजुर्ग टैक्सी चालक ने पहले कुर्सी में बैठकर मगरिब की नमाज पढ़ी फिर लाइसेंसी दो नाली बंदूक से खुद को गोली से उड़ा दिया। बुजुर्ग की खुदकुशी से घर वाले दंग रह गए। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने घर वालों से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि वह इन दिनों मानसिक रूप से बीमार थे। सैयद रईस मियां (75) पेशे से टैक्सी चालक थे। परिजनों के मुताबिक वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिमागी तौर पर संतुलन भी गड़बड़ा गया था।
बुधवार की शाम को उनके बेटे रिहान मस्जिद में मगरिब की नमाज पढ़ने चले गए जबकि घर में सिर्फ रईस मियां की पत्नी अफरोजा और बहू सना थी। वह भी घर में नमाज पढ़ रही थीं। बेटे रिहान ने बताया कि रईस मियां ने कुर्सी बैठकर नमाज पढ़ी।
इसके बाद उन्होंने लाइसेंसी दो नाली बंदूक अलमारी से निकाली। बंदूक जमीन पर रख नाली गर्दन पर टिकाई और ट्रिगर दबा दिया, जिससे गोली आर पार हो गई। गोली की आवाज से घर में हड़कंप मच गया।
परिजन उन्हें लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल पुलिस बल के साथ सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली। रईस मियां के पांच बेटे और चार बेटियां हैं।