नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की टीम सोमवार को लौट गई। टीम वन विभाग से अवैध खनन को लेकर की गई कार्रवाई समेत दूसरे ब्योरा, अभिलेख, अध्ययन रिपोर्ट आदि लेकर गई है।
गौला में अवैध खनन से लेकर अवमानना याचिका हल्दूचौड़ निवासी दिनेश पांडे ने दाखिल की है। इसके बाद एनजीटी ने एक विशेष टीम को निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। इसी के सिलसिले में एनजीटी टीम ने डेरा डाला हुआ था।
टीम ने रविवार को स्थलीय निरीक्षण किया था। सोमवार को टीम ने वन विभाग से अवैध खनन पर कितने वाहनों को पकड़ा गया? कितना जुर्माना वसूला गया? समेत कार्रवाई से जुड़ा सभी ब्योरा तलब किया। बताया जाता है कि इसके अलावा खनन के लिए कराये गए अध्ययन (सीएसडब्ल्यूआरटीआई) की रिपोर्ट को मांगा था। वन विभाग ने गौला के सभी 11 गेटों के सेटेलाइट मैप भी सौंपे हैं। डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते के अनुसार टीम ने जो अभिलेख, जानकारी मांगी थी, उसे सौंप दिया गया है। वहीं, एनजीटी को लेकर खनन कारोबारियों में खलबली मची है। भविष्य से लेकर आगामी एनजीटी की सुनवाई को लेकर सभी की निगाह लगी हुई है।