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नया ट्रेंड ‘आफ्टर फेयरवेल’

Wed, 22 Feb 2017 12:46 AM IST
तृप्ति भंडारी
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समारोह में प्रदेश के 48 महाविद्यालयों के करीब 500 प्रतिभागी लोकनृत्य, सांस्कृतिक एवं शास्त्रीय नृत्यों में भाग ले रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
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फरवरी का यह महीना सीनियर छात्र-छात्राआें की विदाई का महीना है। एक तरफ जहां 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं करीब हैं, वहीं उनकी विदाई (फेयरवेल) कार्यक्रम भी चल रहे हैं। खास बात यह है कि आजकल बच्चे फेयरवेल पार्टी के बाद आउटिंग कर मौज-मस्ती भी कर रहे हैं।
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फेयरवेल पार्टी के बाद बच्चे मॉल, पार्क, रिसोर्ट आदि जाकर सेल्फी लेते हैं, खाते-खेलते हैं, डांस और मौज-मस्ती करते हैं। यह सिर्फ एक स्कूल के बच्चों की बात नहीं है बल्कि अधिकांश स्कूलों के बच्चे अब ऐसा ही कर रहे हैं और यह अब एक ट्रेंड सा बन गया है।

स्कूल के अपने इन आखिरी दिनों के लिए बच्चे पहले से ही प्लानिंग कर ले रहे हैं जैसे आउटिंग में कहां-कहां घूमना है, क्या-क्या खाना है और क्या पहनना है। दोस्तों के साथ स्कूल के आखिरी दिनों की यादों को संजोने का हर बच्चे ने अपने ही ढंग से प्लान बना रखा है। इसलिए अब वह विदाई समारोह के बाद शाम होने तक मौज-मस्ती कर पेपर के स्ट्रेस को भी दूर करते हैं।
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निर्मला कान्वेंट की लक्षिका रावत ने बताया कि 13 फरवरी को स्कूल के विदाई समारोह में सभी दोस्तों ने यादें सजाने के लिए एक दूसरे के दुपट्टे, शर्ट पर दोस्तों के बारे में लिखा। विदाई के बाद कुछ बच्चे मॉल गए, कुछ पार्क गए। कहा कि मॉल में खूब सारी फोटो खींची, गेमिंग जोन में बॉलिंग की। उसके बाद रेस्टोरेंट में खाना खाया। कहा कि पूरा दिन दोस्तों के साथ खूब मस्ती भरा रहा।

ललित आर्य महिला इंटर कॉलेज की गुलनाज ने बताया कि फेयरवेल पार्टी 18 फरवरी को मनाई गई। पार्टी में सबसे बहुत दिनों बाद मिलना हुआ, उसकी खुशी ही अलग थी। स्कूल के बाद सभी दोस्त मॉल में गए। मॉल जाने का प्लान पहले ही बना लिया था।

शाइस्ता ने बताया कि सभी दोस्तों के साथ वक्त बिताना चाहते थे। फोटो ली, घूमे और गोलगप्पे खाए। कहा कि विदाई का दिन स्कूल लाइफ का सबसे अच्छा दिन रहा। केवीएम की सृष्टि ने बताया कि स्कूल के विदाई कार्यक्रम को लेकर सभी बच्चे बहुत उत्साहित थे।

ड्रेस कोड पहले ही तय हो गया था। किसी ने प्लाजो, किसी ने साड़ी पहनी तो लड़कों ने सूट पहने। विदाई के बाद सभी योगा पार्क गए और वहां पर सेल्फी और फोटो ली। बच्चों को मिस, मिस्टर केवीएम जैसे टाइटल भी दिए गए।

दून स्कूल की युक्ता ने बताया कि उनके स्कूल में इस बार फेयरवेल नहीं हुई तो सारे बच्चों ने खुद को बैंक्वेट हॉल में ही विदाई दे दी। सिंथिया स्कूल की गौरी ने बताया कि विदाई में पूजा हुई। दोस्तों, शिक्षकों के साथ फोटो ली और खूब मजे किए।
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