कोतवाली पुलिस ने साली के साथ दुराचार के आरोपी को रोडवेज से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया। खुलासा किया कि उसने बचने के लिए तथाकथित पत्रकार को साढ़े 26 हजार रुपए दिए थे। पत्रकार उसे जमानत कर छुड़ाने का आश्वासन दे रहा था।
कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक निर्मल लटवाल, कमल पंत, भूपेंद्र सिंह की टीम ने मंगलवार को दुराचार के आरोपी जीजा को रोडवेज से दबोचा। पकड़ा गया आरोपी लक्ष्मण कश्यप देवलचौड़ में रहता है। वह मूलरूप से बदायूं जिले के अमीरगंज नंहाखेड़ा का रहने वाला है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि उसने ससुराल में अपनी साली की रजामंदी से कई बार गलत काम किया था। उस समय सास भी जिंदा थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर पत्नी से झगड़ा हो गया। इस बीच नाराज होकर उसकी साली घर से भाग निकली।
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद फंसने का डर था। इस बीच एक दोस्त फूल सिंह ने तथाकथित पत्रकार को मामला रफादफा करने के लिए बुलाया। तथाकथित पत्रकार ने पहले सात हजार रुपए लिए और उसे चौकी के बाहर खड़ा कर दिया। समझौता कागज पर उसकी साली के साथ दस्तखत कराए और पत्रकार ने कहा कि पुलिस को 50 हजार रुपए देने हैं।
दोस्त ने तल्लीबमौरी के मुर्गे वाले से पांच हजार रुपए ब्याज पर दिलवाए। इसके बाद उसकी भाभी ने अपने जेवरात गिरवी रख दिए। पत्रकार को उसने कई किश्तों में साढ़े 26 हजार रुपए दिए। मुकदमा दर्ज होने की बात भी पत्रकार ने उसे बताई और छिपकर रहने की हिदायत दी।
आश्वासन दिया कि वह उसे कोर्ट से जमानत पर छुड़ा लेगा। इसी कारण वह जगह बदलकर रह रहा था। कोतवाल आरएस मेहता का कहना है कि अभियुक्त ने तहरीर दी है। इसी आधार पर विवेचक श्वेता नेगी आगे की कार्रवाई करेंगी। अभियुक्त को पुलिस ने अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
धरना देकर बचने का किया प्रयास
पुलिस का कहना है कि तथाकथित पत्रकार को पता था कि अभियुक्त की गिरफ्तारी होने पर वह फंस सकता है। इसी कारण उसने प्रशासन की अनुमति के बिना दबाव बनाने के लिए धरना दिया। दो माह पहले भी पत्रकार के भाई के खिलाफ एक महिला ने जमीन के नामांतरण के नाम पर 50 हजार रुपए हड़पने का आरोप लगाया था।
वहीं पत्रकार की मां का आरोप है कि कोतवाल उसके बेटों को फंसाने की धमकी दे रहे हैं।