रत्नशिला हास्पिटल में पैरामेडिकल संस्थान के फर्जी होने के मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी, सीएमओ और डीजी हेल्थ को अपर चिकित्सा अधीक्षक ने भेज दी है। रिपोर्ट में फैकल्टी पूरी न होने और पैरामेडिकल काउंसिल आफ उत्तराखंड से रजिस्ट्रेशन न होने की बात कही गई है।
बीते 16 अप्रैल को अपर चिकित्सा अधीक्षक डा. एमएम तिवारी ने छात्रों के बयान लिए थे। छात्रों ने जिलाधिकारी दीपक रावत और सीएमओ डा. एलएम उप्रेती से शिकायत की थी कि रत्नशिला हास्पिटल में मानकों को ताक पर रखकर बिना रजिस्ट्रेशन के पैरामेडिकल के कोर्स कराया जा रहा है। मानवाधिकार आयोग ने मामले की जांच रिपोर्ट सीएमओ से मांगी थी। जिलाधिकारी ने जांच जल्द पूरी कराकर रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेजने के निर्देश सीएमओ को दिए थे।
सूत्रों के मुताबिक उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पैरामेडिकल काउंसिल आफ उत्तराखंड में न तो पंजीकरण कराया गया है और मान्यता ली गई है। फैकल्टी भी पूरी नहीं है, सिर्फ दो शिक्षक ही छात्रों को पढ़ाते हैं। रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति करते हुए उच्चाधिकारियों से निर्देश मांगे गए हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को चली गई है। मानकों का अनुपालन न करने के मामले में रत्नशिला हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट मेरे पास आ गई है। रत्नशिला हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए विधिक राय भी ली जाएगी। पंजीकरण और मान्यता न होना है गंभीर है, ऐसे में आपराधिक मामला भी बन सकता है। विधिक राय लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डा. जीएस जोशी
स्वास्थ्य महानिदेशक