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लापरवाह ठेकेदार तीन साल के लिए होंगे प्रतिबंधित : धामी

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हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास कार्यों में लेटलतीफी करने वाले ठेकेदारों पर सख्ती करने का फैसला लिया है। निर्माणदायी एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि जो ठेकेदार विकास कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें अंतिम मौका देते हुए चेतावनी दी जाए। इसके बाद भी सुधार नहीं होता है तो संबंधित ठेकेदार को न्यूनतम तीन साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाए जिससे वह सरकारी निविदा प्रक्रिया में शामिल न हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सीएम धामी ने बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में कुमाऊं की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में मुख्य अभियंता लोनिवि, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई व अन्य विभाग के अभियंताओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि विकास योजनाओं के निर्माण कार्यों में कतिपय ठेकेदार लेटलतीफी कर रहे हैं। समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में अधिक समय न लगे, इसके लिए संबंधित उपजिलाधिकारी के भूमि अधिग्रहण अधिकारी के लिए शासन स्तर से नोटिफाइड कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत होगी। सीएम ने कहा कि राज्य के विकास के लिए आवश्यक है कि राजस्व के स्रोत भी विकसित हों। इसके लिए कुमाऊं कमिश्नर को राजस्व, जीएसटी विभाग और अन्य विभागों की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि मानसखंड कॉरिडोर के अंर्तगत 42 मंदिर चिह्नित किए गए हैं जिसके माध्यम से चरणबद्ध रूप से सड़कों का जाल बिछ जाएगा और चौड़ीकरण का कार्य होगा। सड़कों का विकास होने से पर्यटन भी सुगम, सुलभ होगा, साथ ही आर्थिकी भी सशक्त होगी।
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वहीं, पत्रकारों से वार्ता में सीएम ने कहा कि जून में बैठक की थी, उसी बैठक की समीक्षा की गई है। जीएसएटी कलेक्शन बढ़े, उस दिशा में भी सोचा जा रहा है। बैठक में जो कमी रही है, उसे दूर करने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।
आपदा को लेकर अधिकारी अलर्ट रहें
हल्द्वानी। सीएम धामी ने कहा कि हर साल बरसात के समय भूस्खलन होता है, सड़कों को नुकसान होता है। आने वाला समय चुनौतीपूर्ण है। आपदा को रोका नहीं जा सकता है, पर उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। आपदा न्यूनीकरण के लिए सभी अधिकारी अलर्ट रहें जिससे समय पर राहत और बचाव कार्य किया जा सके। सीएम ने अधिकारियों को योजनाओं के सफल, क्रियान्वयन के लिए सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर कार्य करने के निर्देश दिए जिससे योजनाओं का अधिकतम लाभ सही समय पर आम जनमानस को मिल सके।
कमिश्नर को दिए अफसरों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश
हल्द्वानी। समीक्षा बैठक में जल निगम के पिथौरागढ़ से सक्षम अधिकारी के बैठक में उपस्थित न होने पर सीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मंडलायुक्त से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि सीएम चंपावत जिले में बनी एक झील से जुड़ी जानकारी चाह रहे थे, लेकिन समक्ष अधिकारी मौके पर नहीं थे। इसके अलावा सीएम ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति से अपडेट रहें। इसके लिए अधिकारी स्वयं क्षेत्र का भ्रमण करें व समीक्षा बैठक लें। उन्होंने प्रधानमंत्री की कर्मयोगी अवधारणा के तहत कार्य करने के निर्देश दिए।
कहा कि अधिकारी इस अनुरूप कार्य करें उनका कार्यकाल, सेवाकाल विशेष कार्यों के लिए जाना जाए। वर्ष-2025 में राज्य रजत जयंती मनाएगा। इन तीन वर्षों में अधिकारी उत्कृष्ट कार्ययोजना बनाएं जिससे राज्य विशिष्ट कार्यों के लिए मॉडल बने व अपनी पहचान बना सके। वहीं, कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि विश्व बैंक से जुड़े कार्य देखने वाले दो अन्य अधिकारी भी समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचे थे जबकि उन्हें बैठक की जानकारी दी गई थी। संबंधित अधिकारियों ने बैठक के लिए एई को भेज दिया था। इन दोनों अफसरों से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
कार्यक्रम में ये मौजूद थे
हल्द्वानी। बैठक में विधायक एवं पूर्व मंत्री बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, रामसिंह कैड़ा, मोहन बिष्ट, जोगेंद्र रौतेला, आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, डीएम धीराज गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, आरएफसी कुमाऊं हरबीर सिंह, एडीएम शिवचरण द्विवेदी, अशोक जोशी, सिटी मजिस्टेट ऋचा सिंह, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या राजेंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।
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