अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ता एमबीपीजी कालेज छात्रसंघ चुनाव में नीरज की विजय को नहीं पचा पा रहे हैं।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं और एबीवीपी से बागी होकर निर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष नीरज मेहरा के समर्थकों ने सोशल मीडिया को अखाड़ा बना दिया है। एक-दूसरे पर भड़ास निकाल रहे हैं। इस द्वंद्व में संगठन के बड़े नेता भी शामिल हो गए हैं।
एमबीपीजी कालेज छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी पूरी तरह बिखर गई है। एबीवीपी से बागी प्रत्याशी नीरज ने अध्यक्ष की सीट जीतकर संगठन की टिकट चयन प्रक्रिया पर भी तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। एबीवीपी कार्यकर्ता विजय जोशी की हार को पचा नहीं पा रहे हैं।
संगठन के कार्यकर्ताओं और नीरज के समर्थकों (एबीवीपी के पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों) के बीच सोशल मीडिया पर खुलकर द्वंद्व शुरू हो गया है। एबीवीपी बाकी छात्र संगठनों की तुलना में अनुशासित मानी जाती है। छात्रसंघ चुनाव के बहाने संगठन के भीतर की गुटबाजी और नेताओं के अहम का टकराव सार्वजनिक हो गया।
इस लड़ाई में अब संगठन के कई बड़े नेता भी शामिल नजर आ रहे हैं। हालांकि, एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री बृजेश बनकोटी ने फेसबुक की एक पोस्ट से कार्यकर्ताओं को संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ‘स्पष्टीकरण सबको देना जरूरी नहीं है, उचित स्थान पर सही’ है।
समर्थकों के लिए हारकर भी जीत गए विजय
एबीवीपी की गुटबाजी का शिकार होकर सीट गंवाने वाले विजय जोशी ने अपने चाचा और समर्थकों के लिए सोशल मीडिया से बेहद भावनात्मक संदेश पोस्ट किया है। बकौल विजय की फेसबुक पोस्ट -सॉरी चाचू (योगेश जोशी)। नहीं जीत पाया सॉरी।
आपने बहुत कुछ करा मेरे लिए। बहुत मेहनत करी मेरी लिए। पर मैं आपको जीत नहीं दे पाया सॉरी। विजय के इस संदेश को उसके हर समर्थक ने शेयर किया है और टिप्पणी कर उत्साह बढ़ाया है। समर्थकों ने लिखा कि विजय तुम हारकर भी जीत गए हो।