केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के संसाधनों में कटौती कर दी है। सरकार प्रदेश में उद्योग और व्यापार बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उद्योगों के लिए ढांचागत विकास जरूरी है, जब सड़कें दुरुस्त होंगी और पर्याप्त विद्युत व्यवस्था होगी तभी नए उद्योग आएंगे। राज्य के विकास की जिम्मेदारी अब स्वयं उठानी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उक्त बातें बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में हिमालयी संरक्षण अभियान रैली के दौरान कही। रावत दोपहर लगभग सवा तीन बजे रामलीला ग्राउंड पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सहायतित चल रहे मलेरिया उन्मूलन, महिला समाख्या अधिकारी और रमसा के लगभग तीन हजार पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार को 1200 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रतिवर्ष करनी पड़ेगी। हमारी कोशिश है कि हम प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों के जरिये इन कर्मचारियों की सेवाएं बहाल रखें।
उन्होंने कहा कि राज्य से निकलने वाली गंगा, यहां के वन और हिमालय पूरे देश के हितों की रक्षा करते हैं। रावत ने व्यापार मंडल के हिमालयी संरक्षण अभियान रैली के आयोजकों को बधाई दीं। कहा कि निश्चय ही इस रैली के माध्यम से जनसाधारण में पर्यावरण संरक्षण को लेकर शुभ संदेश जाएगा और हिमालयी क्षेत्र जल संरक्षण, हिमालयी नदियों, ग्लेशियरों को प्रदूषण मुक्त करने में मदद मिलेगी।
रावत ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के तत्वावधान में आयोजित हिमालयी संरक्षण अभियान जन जागरूकता वाहन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश और श्रममंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने किया। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल ने 14 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। रावत शाम चार बजे कार्यक्रम स्थल से हैलीपैड के लिए रवाना हो गए।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद, विधायक ललित फर्स्वाण, अध्यक्ष आपदा प्रबंधन प्रयाग भट्ट, सदस्य मलिन बस्ती सुधार समिति खजान पांडे, मंडी परिषद के अध्यक्ष सुमित हृदयेश, जया बिष्ट, हरीश मेहता, महेश शर्मा, वीरेंद्र चड्ढा, ललित जोशी, राम सिंह कैड़ा, राहुल छिम्वाल, नारायण पाल, बाबूलाल गुप्ता, नवीन चंद्र वर्मा, विपिन गुप्ता, एनसी तिवारी, प्रमोद गोयल, दिनेश पंत, ओम प्रकाश अरोरा, नंदन दुर्गापाल, महेश शर्मा, गोपाल सिंह नेगी, परमजीत सिंह, राजेश बंसल, कैलाश बमेठा, कैलाश साह, नवीन ममगई, जसविंदर सिंह भसीन, नवनीत राणा, मनीष अग्रवाल, मनोज गुप्ता, प्रकाश मिश्रा, संजय राजपूत, भुवन भट्ट, अतुल अग्रवाल, राजेंद्र बमेठा, उमेश नैनवाल, वीरेंद्र जायसवाल, सुमति केसरवानी, कमल सुयाल, दिनेश अग्रवाल, रोहित मनचंदा, कमल पपनै, कुसुम दिगारी, पार्षद राजेंद्र बिष्ट, मो. गुफरान, जिला महामंत्री राजेंद्र सुयाल आदि थे।
बही की मालिकिन तो वित्त मंत्री हैं
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वह हिमालयी संरक्षण अभियान रैली को हरी झंडी दिखाने के लिए आए, लेकिन उन्हें सम्मेलन की जानकारी नहीं थी। उन्होंने व्यापारियों को देहरादून आकर विस्तार से बात करने के लिए आमंत्रित किया। रावत ने कहा कि वित्त मंत्री के यहां मौजूद रहने से व्यापारियों की सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्जदार के रूप में बही के ऊपर मेरा नाम लिखा है, वास्तविकता में तो बही की मालिकिन डा. हृदयेश ही हैं।