हल्द्वानी। कुमाऊं में जंगल की आग पर काबू पाने में मदद के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें और आएंगी। इन्हें अल्मोड़ा और बागेश्वर जनपद में तैनात किया जाएगा। इन टीमों के आने से मंडल में एनडीआरएफ टीम की संख्या चार हो जाएगी। वन विभाग में बजट की कमी दूर हो गई है। शासन ने 2 करोड़ 61 लाख की राशि जारी कर दी है।
कुमाऊं में जंगल धधक रहे हैं। इसी महीने 16 दिनों में ही जंगल की आग की 473 घटनाएं हो चुकीं हैं, इसमें 710 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा प्रभावित हो चुकी है। इससे स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। अभी तक वन विभाग की मदद के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें नैनीताल और चंपावत जिले में काम कर रहीं थीं पर हालात और चुनौती को देखते हुए दो और टीमों को बुलाने का फैसला किया गया है। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजिस्विनी पाटिल के अनुसार जल्द ही अल्मोड़ा और बागेश्वर में एनडीआरएफ की दो टीमें मदद के लिए पहुंचेंगी। इन टीम में पचास से अधिक कर्मी होंगे।
सीसीएफ कुमाऊं डॉ. पाटिल ने बताया कि जंगल की आग से निपटने को अभी कुमाऊं में 2390 फायर वॉचर को तैनात किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर डीएफओ और फायर वॉचर को रख सकेंगे। सीसीएफ कुमाऊं ने बताया कि इसके साथ ही डीएफओ को जनपद स्तर पर आपदा मद से भी राशि प्राप्त करने के लिए कहा गया है।