एनडी तिवारी के हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग धरना देते रोहित शेखर एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष रेनू अधिकारी
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पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के काफिले पर हुए हमले का मामला राजनीतिक तूल पकड़ गया है। दमुवाढूंगा बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी ही नहीं अब बल्कि भाजपा और कई कांग्रेसी नेता भी इसमें कूद गए हैं। दमुवाढूंगा बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को बुद्ध पार्क में धरना देकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की।
समिति संयोजक हरीश रावत के नेतृत्व में सोमवार को दर्जनों लोग बुद्ध पार्क में एकत्र हुए। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 12 नवंबर को पूर्व सीएम एनडी तिवारी के काफिले पर कुछ कांग्रेसियों ने हमला किया। पूर्व मुख्यमंत्री सपरिवार दमुवाढूंगा बचाओ संघर्ष समिति की महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे। घटना के 40 घंटे बीतने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष रेनू अधिकारी ने कहा कि एनडी तिवारी उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश के नेता हैं। उनके काफिला पर हुए हमले के मामले में पुलिस कार्रवाई करने से क्यों डर रही है। उन्होंने कहा कि बौखलाहट में एक कांग्रेसी नेता के इशारों पर एनडी तिवारी के काफिले पर हमला कराया गया। अब हमलावरों को उनका संरक्षण मिला है। पालिका के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र अधिकारी ने कहा कि कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। पूर्व सीएम एनडी तिवारी के काफिले पर सरेआम हमला हो सकता है तो आम आदमी की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
रोहित शेखर तिवारी ने कहा कि यदि हमलावर कांग्रेसी नहीं थे तो पुलिस पर किसका दबाव है। पुलिस ने अभी तक हमलावरों को चिह्नित करना तो दूर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया है। सपा नेता शोएब अहमद सिद्दीकी और बसपा के शिवगणेश, हिंदू वाहिनी के जिलाध्यक्ष मुकेश भट्ट ने कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर जनता सड़कों पर उतरेगी। इंटक के जिलाध्यक्ष प्रकाश मिश्रा, यूकेडी के संतोष कबडवाल, दिनेश मिश्रा, आप के श्रीकांत खंडेलवाल, पूरन मेहरा आदि थे। ब्यूरो