इस बार राष्ट्रीय स्तर के तैराकों को भी स्वीमिंग के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। इस वर्ष उन्हें दस रुपए के बजाए 600 रुपये प्रतिमाह तैराकी का शुल्क देना होगा। खेल विभाग ने इस साल शुल्क में दोगुनी बढ़ोतरी कर दी है।
2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ज्यादा से ज्यादा पदक जीते, इसके लिए खेल विभाग खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देने का दावा कर रहा है। दरअसल, विभाग ने इस वर्ष जो नया जीओ जारी किया है, उसमें न केवल खिलाड़ियों की जेब पर कैंची चलाई है, बल्कि नेशनल खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं को भी हटा दिया गया है।
दरअसल अब तक स्वीमिंग के नेशलन खिलाड़ियों को तैराकी के लिए केवल दस रुपये प्रतिमाह शुल्क और राष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान उपलब्धि का सर्टिफिकेट देना पड़ता था, लेकिन नये शासनादेश में इस व्यवस्था को हटा दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार अब उन्हें भी अन्य प्रशिक्षुओं की तरह ही शुल्क देना होगा।
इसके अलावा नगर निगम वाले क्षेत्रों में 300 रुपये से बढ़ाकर शुल्क 600 रुपये कर दिया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षुओं को 400 रुपये प्रतिमाह शुल्क देना होगा। शौकीन तैराकों को 800 रुपये (नगर निगम वाले क्षेत्र) और 500 रुपये (अन्य क्षेत्रों) प्रतिमाह शुल्क देना होगा।
नये शासनादेश में नेशनल खिलाड़ियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में उप निदेशक खेल को बता दिया गया है। निदेशालय से जो भी आदेश मिलेगा, उसका पालन किया जाएगा।
- अख्तर अली, सहायक निदेशक खेल कुमाऊं
अब तक हो चुके हैं 116 रजिस्ट्रेशन
16 अप्रैल से तरणताल में स्वीमिंग का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इसके लिए खेल विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। सहायक निदेशक अख्तर अली ने बताया कि पांच से सात अप्रैल तक स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक फार्म दिए जा रहे हैं। पहले दिन 100 लोगों ने अलग-अलग वर्ग में रजिस्ट्रेशन कराया।
जबकि दूसरे दिन 16 लोगों ने स्वीमिंग के फार्म खरीदे। फार्म के साथ एमबीबीएस डॉक्टर को मेडिकल सर्टिफिकेट लगाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दस साल से कम के बच्चों को फार्म नहीं दिए जा रहे हैं। यदि वे पिछले वर्ष खेल विभाग में प्रशिक्षण ले चुके हैं तो अगर उनके कोच लिखकर दें कि बच्चे को स्वीमिंग आती है तो इसी स्थिति में उसे फार्म दिया जाएगा।