राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कहा कि नैनो तकनीक भारत का भविष्य है। आने वाला समय नैनो तकनीक का ही है, जिसमें भारत की भूमिका अहम होगी। राज्यसभा सांसद श्री विजय रविवार को कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में नैनो साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
श्री विजय ने कहा कि डीएसबी परिसर में नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना प्रदेश के लिए बेहतर शुरूआत है। उनका सपना है कि उत्तराखंड शिक्षा का हब बने। इसके लिए वह अपने स्तर से प्रयास जारी रखेंगे। इससे पूर्व एनएसएनटी प्रभारी डा. नंदा गोपाल साहू ने नैनो तकनीक और सेंटर में किए जाने वाले कार्य से संबंधित जानकारी दी।
विवि कुलपति प्रो. एचएस धामी ने कहा कि यहीं से पढ़कर आज कुलपति तक पहुंचने के बाद विवि के लिए कुछ करना उनके लिए मां की सेवा करने जैसा है। इस दौरान परिसर निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. गंगा बिष्ट, रजिस्ट्रार प्रो. डीसी पांडे, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. अरुण साह, डा. आशीष तिवारी, डा. बीना पांडे, बृजेश बनकोटी, दीपक मेलकानी, नितिन कार्की, विवेक साह समेत प्राध्यापक और विद्यार्थी मौजूद थे। संचालन प्रो. एबी मेलकानी ने किया।
नैनो विस्तार महासंघ के प्रयास जारी
14-15 दिसंबर 2014 को कुमाऊं विवि छात्र महासंघ के महागूंज कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद ने नैनो केंद्र के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की थी। तत्कालीन अध्यक्ष दीपक मेलकानी ने कहा कि नैनो विस्तार के महासंघ के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
दुर्भाग्य : विवि कुल गीत कैसेट पर
कुविवि के डीएसबी परिसर समेत कई महाविद्यालयों में संगीत विभाग है, लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि विवि के कार्यक्रमों में कैसेट पर विवि का कुल गीत बजाया जाता है। रविवार के कार्यक्रम में भी कैसेट पर बजे कुल गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यही नहीं कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर की खराबी के कारण नैनो तकनीक की जानकारी संबंधित उपकरण से नहीं दी जा सकी। केंद्र प्रभारी श्री साहू को मजबूरी में सूक्ष्म मौखिक संबोधन करना पड़ा।