जिलाधिकारी दीपक रावत ने खनन समिति की बैठक में अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और अमृतपुर, लामाचौड़ और रामनगर में नियमित चेकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौला के साथ ही कोसी, दाबका और नंधौर के सभी गेटों पर 20 दिन के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। कैमरे नहीं लगाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कैंप कार्यालय में डीएम ने कहा कि एसडीएम, एआरटीओ और वन निगम के अधिकारी स्वयं गेटों पर वाहनों की चेकिंग करें। वाहन के प्रपत्रों के साथ वाहन के चेसिस नंबर का भी मिलान कराए। ताकि खनन में अवैध रूप से चल रहे वाहनों को पकड़ा जा सके। जिलाधिकारी ने डीएलएम रामनगर को निर्देश दिए कि खड़ंजा गेट पर कांटा और कठियापुल गेट को शीघ्र शिफ्ट कराया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नंधौर, दाबका और कोसी में 500-500 नए खनन वाहन पंजीकरण किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने सभी डीएलएम को निर्देश दिए कि खनन पंजीकरण के बाद जो वाहन खनन कार्य नहीं कर रहे हैं उनकी सूची तैयार की जाए, ताकि पंजीकरण निरस्त कर दूसरे वाहनों का पंजीकरण किया जा सके। चकलुवा निहाल नदी में अवैध खनन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने एसडीएम, सीओ एवं वन निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयुक्त रूप से छापामारी कर कड़ी कार्रवाई करें।
एसएसपी सेंथिल अबुदई ने कहा कि खनन से जुड़े ठेकेदारों ने श्रमिकों का सत्यापन नहीं कराया है। खनन से जुड़े श्रमिकों के साथ ही खनन वाहन चालकों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराया जाए। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल, एएसपी यशवंत सिंह, एसडीएम आशीष चौहान, चंद्र सिंह मर्तोलिया, एसएस जंगपांगी, पंकज उपाध्याय, सीओ राजेंद्र सिंह हंयाकी, उपनिदेशक खान राजपाल लेघा, एआरटीओ गुरुदेव सिंह, डीएलएम दिवाकर बिष्ट, एससी सोनी, जेपी भट्ट, एसडीओ बीएस साही मौजूद थे।