हल्द्वानी। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नंधौर अभयारण्य के इको सेंसिटिव जोन की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। वनाधिकारियों के अनुसार नंधौर अभयारण्य राज्य का पहला संरक्षित क्षेत्र है, जिसकी इको सेंसिटिव जोन की अंतिम अधिसूचना जारी हुई है।
नंधौर वन्यजीव अभयारण्य का क्षेत्रफल 269.85 वर्ग किमी है। वनाधिकारियों के अनुसार नंधौर वन्यजीव अभयारण्य की सीमा के चारों ओर 0.7 से 15 किमी तक है और पारिस्थितिकी संवेदी जोन का क्षेत्रफल 540.267 वर्ग किमी है। इसमें हल्द्वानी वन प्रभाग, चंपावत वन प्रभाग, तराई पूर्वी वन प्रभाग के साथ साथ दो राजस्व ग्राम भी सम्मिलित हैं।
मुख्यमंत्री के विशेष सचिव और मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत अभयारण्य के इको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना जारी होने से पर्यावरण संरक्षण होगा। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र का एक समग्र जोनल मास्टर प्लान बनना है, जिसमें पर्यटन, राजस्व, पर्यावरण आदि विषयों से संबंधित प्लान सम्मिलित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
हल्द्वानी वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार ने कहा कि इको सेंसिटिव जोन घोषित होने से खनन, हक- हकूक आदि कार्यों पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा।