नैनीताल। पर्यटन सीजन के बीच सीवर के नैनीझील में समाने से दुर्गंध फैल रही है। नयना देवी मंदिर के पास के नाले से गंदा सीवर सीधे झील में समा रहा है। इससे पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान हैं। झील को सीवर मुक्त बनाने के लिए एडीबी परियोजना के तहत 96.15 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद स्थिति जस की तस है। शहर के 15 वार्डों की पुरानी सीवर लाइनें बदहाल हैं। जल निगम ने इन्हें बदलने के लिए 109 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। वर्तमान में सीवर ओवरफ्लो होकर नालों से झील में गिर रहा है। नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खलिक ने कहा कि झील में गंदगी जाना उसकी सेहत के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने संबंधित विभागों को सीवर रोकने और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शहर में वर्तमान में सीवर की लाइन में कोई लीकेज नहीं है। नयना देवी मंदिर के बगल के नाले में जो गंदगी जा रही है वह लोगों के किचन से निकलने वाला गंदा पानी है। इससे दुर्गंध फैल रही है और गाद बन रही है। अंशुल ओझा, सहायक अभियंता, जल संस्थान