नैनीताल में बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले के बाद कुछ इस तरह मॉल रोड में पसरा सन्नाटा। फोटो-
नैनीताल। नैनीताल में दुष्कर्म के खिलाफ हुए उग्र धरने-प्रदर्शन और जुलूस के बाद से यहां पर्यटन व्यवसाय पर भारी असर पड़ा है। मई के महीने में भरे सीजन के दौरान नगर के होटल खाली पड़े हैं और आगामी दिनों के लिए एडवांस बुकिंग भी निरस्त हो रही हैं।
नगर में मुस्लिम समुदाय के एक वृद्ध व्यक्ति की ओर से 12 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने की सूचना मिलने पर बुधवार को हिन्दू संगठनों में उबाल आ गया था। हजारों की तादाद में गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव किया और थाने के आसपास दुकानों में भारी तोड़फोड़ की। देर रात तक यहां बवाल होता रहा जिसकी गूंज पूरे शहर में सुनाई देती रही। इसके बाद यहां पहुंचे पर्यटकों में भी भय व्याप्त हो गया। बृहस्पतिवार सुबह से पर्यटकों ने नगर छोड़कर वापस या भीमताल की ओर के होटलों में जाना शुरू कर दिया। नैनीताल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि लगभग 90 फीसदी पर्यटक या तो वापस लौट गए या उन्होंने एडवांस बुकिंग निरस्त करवा दी हैं।
बिष्ट ने कहा कि कुछ दिन तक और तनावपूर्ण माहौल रहा तो आगामी पूरा सीजन खतरे में पड़ जाएगा जिसका इंतजार यहां के पर्यटन कारोबारी साल भर से कर रहे थे। पर्यटन व्यवसाय राजकुमार गुप्ता ने बताया कि जो पर्यटक आज सुबह यहां पहुंचे थे वे भी यहां न ठहर कर अन्यत्र चले गए। नैनीताल की सड़कों पर सीजन के दौरान ऐसी सुनसानी कोरोनाकाल के बाद पहली बार नजर आई। झील में दिनभर नावें भी नहीं चलीं।
जू था बंद, केव गार्डन व रोपवे भी रहे सूने
नैनीताल में बोटिंग के अलावा केव गार्डन, चिड़ियाघर और रोपवे पर्यटकों के पसंदीदा स्थल हैं। जू के रेंजर आनंदलाल ने बताया कि जू की आज साप्ताहिक बंदी थी। केव गार्डन में बृहस्पतिवार को गिने चुने पर्यटक ही पहुंचे। रोपवे संचालक शिवम शर्मा ने बताया कि सुबह कुछ पर्यटक आए थे। थोड़ी देर बाजार बंद होने के बाद पर्यटक नहीं आए। अन्य दिनों में लगभग 800 पर्यटक प्रतिदिन यहां आते थे, आज लगभग 125 पर्यटक ही पहुंचे।