नैनीताल रोड पर एक साथ तीन जुलूस निकलने के कारण लंबा जाम लग गया। जाम में एसएसपी भी फंस गई। घटना की सूचना मिलने पर महिला अस्पताल के पास जाम लगाने में कोतवाली पुलिस ने एक नामजद और 150 अज्ञात आशा कार्यकर्त्रियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीपीयू ने जाम लगाने पर यूपी रोडवेज की एक बस का चालान भी कर दिया।
नैनीताल रोड पर आशा कार्यकर्त्रियों द्वारा जुलूस निकालने के कारण महिला चिकित्सालय से लेकर ओके होटल तक जाम लग गया। इसके बाद आशा कार्यकर्त्रियों के महिला अस्पताल के आगे जाम लगाने से समस्या और गंभीर हो गयी। इस बीच भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने भी प्रदेश सरकार के खिलाफ जुलूस निकाल दिया। जुलूस एसडीएम कोर्ट तक गया।
कुछ देर बाद व्यापारी भी अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतर गए। एक साथ तीन जुलूस निकलने पर सिंधी चौराहे से लेकर एसडीएम कोर्ट तक जाम लग गया। जाम में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल भी फंस गई। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल उस समय एफटीआई स्थित कार्यक्रम में जा रही थी। एसएसपी ने जाम को देखते हुए अधीनस्थों से पूछताछ की। उन्होंने हीरानगर चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया।
एसएसपी को पता नहीं था कि चौकी प्रभारी सुबह से वाहन चोरों को पकड़ने में लगे थे। आनन फानन में पहुंचे एसएसआई विक्रम राठौर की टीम ने मौके की सीपीयू से वीडियोग्राफी कर जाम खुलवाया । हालांकि कोतवाल के बताने पर उन्होंने लाइन हाजिर करने का अपना निर्णय वापस ले लिया।
इस मामले में हीरानगर चौकी प्रभारी हेमचंद पंत की तहरीर पर कैलाश पांडे सहित 150 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ धारा 147 और 341 के तहत कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पता चला है कि काफी दिनों बाद रोड जाम करने पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।