केंद्र के खिलाफ गुस्सा, पुलिस-प्रशासन पर फूटा
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हल्द्वानी। आशा कार्यकर्त्रियों का सोमवार को विरोध तो केंद्र सरकार के खिलाफ था, लेकिन सांकेतिक जाम लगा रही आशा कार्यकर्त्रियों और पुलिस-प्रशासन बीच तकरार से कथित तौर पर धक्का मुक्की हो गई। शक्ति प्रयोग करने की बात को लेकर आशा कार्यकर्त्रियां बिफर गई, उन्होंने पुलिस, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूर्व कार्यक्रम के तहत एक समान मासिक वेतन की मांग को लेकर आशा कार्यकर्त्रियों ने अस्पताल के पास प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और डायरिया-नसबंदी पखवाड़े का बहिष्कार किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर स्वास्थ्य का बजट कम करने को लेकर निशाना साधा। इस दौरान आशा कार्यकर्त्रियां नैनीताल रोड पर पहुंच गई और जाम लगा दिया।
सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह मौके पर पहुंचे और जाम खोलने को कहा। इसी बीच दोनों पक्षों में बातचीत तकरार में बदल गई। मौके पर पुलिस, सीपीयू को बुलाया और जाम खुलवाने की कोशिश शुरू हुई। इसको लेकर आशा कार्यकर्त्रियां और आक्रोशित हो गई। आरोप था कि कार्यकर्त्री हंसी बेलवाल के साथ अभद्रता की गई है। बाद में कार्यकर्त्रियों ने एसडीएम के माध्यम से मांग पत्र प्रधानमंत्री को भेजा।
इस दौरान रिंकी जोशी, रेशमा, रीना बाला, विद्या जोशी, शाकिरा, माया शाह, गंगा बिष्ट आदि मौजूद थी।