सरोवर नगरी में बीते 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश से नैनी झील लबालब हो गई। झील का जलस्तर रविवार को 6 फीट 4 इंच था, जो सोमवार को बढ़कर 9 फीट 4 इंच पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से झील के पांचों निकासी गेटों से 10 इंच पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। झील नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक जुलाई में जब झील का जलस्तर 8 फीट 5 इंच पहुंचता है, तो उसी के बाद झील से पानी की निकासी की जाती है।
नैनीताल जिले में बंद हैं 13 मोटर मार्ग
1. रामनगर-बेतालघाट
2. छिड़ाखान- अमजड़
3. देवीपूरा- बोहरागांव
4. देवीपूरा- सौड़
5. अमेल- खोला
6. भौरसा- पिनरौ
7. अमृतपुर- बानना
8. बजून- अधौड़ा
9. मोरनोला-मझोला
10. सिमलिया बैंड- साननी
11. कालाखे-दिकथरी
12. नैनीताल- रुसी बाईपास
13. भवाली सेनिटोरियम- सिरोडी
15 पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त, सीवर के कई मेनहोल क्षतिग्रस्त
बारिश से जल संस्थान की 15 पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा सीवर लाइनों के कई मेनहोल क्षतिग्रस्त हो गए। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जगदीप चौधरी के मुताबिक हरिनगर, मेविला कंपाउंड. मनकापुर, जू रोड, सीआरएसटी क्षेत्र, जिला पंचायत क्षेत्रों में 15 पेयजल लाइनें ध्वस्त हो गई थीं, इनमें कई को ठीक कर लिया गया है, शेष को जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा।
नगर के माल रोड, इनकम टैक्स रोड, बिड़ला रोड, शेरवानी लॉज में सीवर के मेनहोल क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित रहने से तल्लीताल बाजार, मल्लीताल बाजार, जिला पंचायत रोड और आवागढ़ में चार से पांच घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। हरिनगर क्षेत्र में जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल अधिकांश इलाकों में पेयजल आपूर्ति सुचारु है।
बिड़ला रोड, रैमजे अस्पताल रोड, पंत पार्क समेत कई अन्य क्षेत्रों में विभिन्न प्रजातियों के 17 पेड़ गिर गए। नैनीताल वन प्रभाग के नगर पालिका वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र सुयाल ने बताया कि बिड़ला रोड में बांज व सुरई के दस पेड़, रैमजे क्षेत्र में दो पेड़ व पंत पार्क में पांच पेड़ गिर गए। उन्होंने कहा कि सभी पेड़ों को कटाने के निर्देश वन निगम को दे दिए हैं।