एहतियातन 20-30 घरों के 100 लोगों को विस्थापित किया गया
क्लोरीन गैस के रिसाव और लोगों की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए प्रशासन ने पंप हाउस के समीपवर्ती 20 से 30 परिवारों के करीब 100 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मौके पर पहुंचे जल संस्थान अधिशासी अभियंता रमेश गर्ब्याल ने बताया कि सिलिंडर के लीक होने से कोई खतरा नहीं है। पानी को फिल्टर करने के लिए पंप हाउस में क्लोरीन का सिलिंडर रखा गया था जिसके लीक होने के कारण का पता नहीं लग पाया है।
इनकी बिगड़ी तबीयत
सूखाताल क्षेत्र में शाम चार बजे के बाद गैस का रिसाव तेज हुआ तो एसडीआरएफ की टीम के साथ कुछ स्थानीय लोग मास्क लगाकर सिलिंडर को हटाने पंप हाउस तक पहुंच गए। इस बीच दो पत्रकारों के साथ ही स्थानीय लोगों की गैस की चपेट में आकर हालात बिगड़ने लगी। इनमें सूखाताल निवासी दीपा सागर, रोहित भाटिया, प्रेम सागर, अश्विनी, संजीव और पत्रकार गुड्डू ठठोला व अफजल हुसैन को उल्टियां होने लगीं। इन सभी को एंबुलेंस से बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन के निर्देश पर देर शाम को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने क्षेत्र का मुआयना किया।
सिलिंडर को जेसीबी से हटाया गया
सिलिंडर के अधिक भारी होने और गैस के रिसाव के कारण उसे तत्काल नहीं हटाया जा सका, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा। इसके बाद राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम खैरना से और एनडीआरएफ की टीम भवाली से मौके पर पहुंची। इसके बाद क्लोरीन गैस से भरे सिलिंडर को सुरक्षित रूप से निकालकर जेसीबी के माध्यम से सूखाताल झील में डाला गया।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नैनीताल ने आमजन से अपील की है कि क्लोरीन गैस के संपर्क में आने वाले लोगों की आंखों में तेज जलन, सांस लेने में कठिनाई होगी। ऐसा होने पर लोग तत्काल खुले और ऊंचे स्थान पर जाकर साफ हवा के संपर्क में आएं। आंखों में जलन होने पर अपनी आंखों को 10-15 मिनट तक साफ गुनगुने पानी से बार-बार धोएं। त्वचा पर क्लोरीन जमने पर तुरंत पानी से नहाएं। सांस संबंधी परेशानी होने पर अस्पताल जाकर डॉक्टर को अवश्य दिखाएं।
क्लोरीन गैस के संपर्क में आने से सांस लेने में दिक्कत होती है। सूखाताल क्षेत्र में क्लोरीन गैस के संपर्क में आने के बाद सात लोग अस्पताल पहुंचे हैं। सभी को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सभी की हालत सामान्य है।
- डॉ. एमएस दुग्ताल, फिजिशियन बीडी पांडे अस्पताल, नैनीताल।
शाम चार बजे क्षेत्र में गैस लीक होने की सूचना मिली थी। क्षेत्र में पहुंचते ही पंप हाउस के आसपास के सौ मीटर परिधि में रहने वाले करीब 100 लोगों को घर से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया। लीक हो रहे सिलिंडर को झील में डालकर उसका निस्तारण किया गया। गैस लीकेज के कारणों को जानने के लिए मामले की जांच की जाएगी।
- प्रमोद कुमार, एसडीएम, नैनीताल।