गांव में विद्यालय होने के बाद भी बच्चों को दूसरी जगह जाकर प्राथमिक शिक्षा लेनी पड़ रही है। पिछले वर्ष वीडीओ ने विद्यालय का निरीक्षण किया था, इसमें विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम होने की बात सामने आयी थी। संचालन को लेकर आ रही दिक्कत की शिकायत डीएम से भी की गई, लेकिन स्थिति जस की तस है। - मनोज बिष्ट, निवासी घुग्घू
विद्यालय में एक शिक्षामित्र व एक अध्यापिका हैं। दोनों के बीच समन्वय की कमी लगती है। यह विद्यालय बंद होने की स्थिति में है। पूर्व में यहां से शिक्षा मित्र का तबादला दूसरे विद्यालय में भी किया गया था।
- मोहन सिंह अधिकरी, ग्राम प्रधान घुग्घू
वह एक साल से विद्यालय में तैनात हैं, उससे पूर्व की स्थिति पता नहीं है। पिछले वर्ष विद्यालय में चार बच्चे थे जो अपनी स्वेच्छा से नाम कटा कर गए हैं। अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेज रहे है, जो भी छात्र विद्यालय में आएगा उसे प्रवेश दिया जाएगा। - शबाना सिद्दीकी, प्रधानध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय घुग्घू
विद्यालय निरीक्षण कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। अगर यहां पर छात्र संख्या कम रहती है तो यहां के शिक्षक को अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय में समायोजित किया जाएगा। -जगमोहन सोनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल