निगेटिव रिपोर्ट आई तो राजाजी जा सकती है रानी
पकड़ी गई बाघिन की सैंपल रिपोर्ट पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं प्रसन्न पात्रो कहते हैं कि जांच रिपोर्ट आनी है। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई बाघिन को रेस्क्यू वाहन में ही रखा गया है।
रानीबाग में बाड़ा भी नहीं है। इसके पीछे अधिकारियों का तर्क है कि अगर बाघिन को कहीं और भेजना होगा तो उसे पुन: ट्रैक्यूलाइज करना होगा जो रिस्की भी होता है। सैंपल आदि लेने में संबंधित वाहन में रखे गए पिंजरे से मदद मिलती है।
सूत्रों के अनुसार अगर बाघिन की रिपोर्ट निगेटिव आई तो उसे राजाजी नेशनल पार्क में छोड़ने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। अभी बाघिन की उम्र महज डेढ़ साल है। इसके अलावा राजाजी में बाघ-बाघिन की संख्या कार्बेट पार्क आदि जगह की तुलना में कम है। वहां पर पहले भी बाघों को भेजा भी जा चुका है। प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) समीर सिन्हा कहते हैं कि जो रिपोर्ट आई है, उसे कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया गया है।