नैनीताल शहर में बेहाल चिकित्सा सुविधाओं पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने आश्चर्य जताया। उनको बताया कि गया कि नैनीताल में कुल तीन अस्पताल हैं, जिनमें एक मल्टी स्पेशियलिटी है। मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि ऑपरेशन थियेटर कितने हैं तो बताया गया कि दो। न्यायाधीश ने कहा कि तीन अस्पतालों में दो ऑपरेशन थियेटर और एक अस्पताल में मात्र एक चिकित्सक ये कैसी चिकित्सा सुविधा है।
इस पर उन्होंने भवाली सेनेटोरियम में एक आधुनिक और ''''रियल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल'''' बनाने का सुझाव दिया, जिसमें अस्पताल, चिकित्सकों के आवास, पार्किंग और अन्य सुविधाएं हो। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और जस्टिस आलोक मेहरा ने की। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जानना चाहा कि यहां उपलब्ध सुविधाएं क्या हैं। उन्हें बताया गया कि पूर्व में हाईकोर्ट ने भवाली सेनेटोरियम वाली जगह पर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने के आदेश दिए थे। इससे संबंधित मामले में प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में समग्र रूप से निर्णय लेने को कहा था। हाईकोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा था कि नैनीताल में तीन अस्पताल हैं। मुख्य न्यायाधीश के पूछने पर बताया गया कि इनमें एक बीडी पांडे पुरुष, दूसरा उसी बिल्डिंग में स्थित बीडी पांडे महिला चिकित्सालय और तीसरा रैमजे अस्पताल है। चर्चा में पता चला कि बीडी पांडे पुरुष व महिला अस्पताल एक तरह से एक ही हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दो अस्पताल की तरह प्रस्तुत किया गया।
मुख्य न्यायाधीश ने इस पर कटाक्ष भी किया। उन्होंने यह भी कहा कि रैमजे अस्पताल में तो मात्र एक ही चिकित्सक हैं। उन्होंने चिकित्सकों और उपकरणों की सूची कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नैनीताल में यातायात संबंधी बहुत समस्याएं हैं ऐसे में भवाली में आधुनिक चिकित्सालय बनने से नैनीताल सहित पहाड़ी क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है।
सेनेटोरियम की हवा स्वास्थ्यवर्धक, जल्द होता है उपचार
सेनेटोरियम में बड़ा अस्पताल बनाने की चर्चा के दौरान सीएससी चंद्रशेखर सिंह रावत ने बताया कि वहां के पांच-छह भवनों जीर्णोद्धार किया गया है। कोर्ट ने कहा कि सेनेटोरियम शुद्ध ऑक्सीजन वाली जगह पर है, जहां 15 दिनों में ठीक होने वाला मरीज पांच से सात दिन में ही ठीक हो जाए। ऐसे स्थान पर निर्मित आधुनिक अस्पताल बहुत उपयोगी रहेगा।