जिला मजिस्ट्रेट दीपेंद्र कुमार चौधरी ने नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष संजय किरौला का निर्वाचन निरस्त कर दिया है। डीएम ने यह आदेश वर्ष 2013 में चुनाव के दौरान अनियमितताओं को लेकर दूसरे प्रत्याशी हरीश देउपा की ओर से दायर वाद की सुनवाई करने के बाद दिए।
किरौला को नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के आदेश भी दुग्ध संघ प्रबंधन को दिए गए है। इधर, संजय किरौला को हटाए जाने के आदेश के बाद नैनीताल दुग्ध संघ में नए अध्यक्ष को लेकर सियासत तेज हो गई है।
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा है कि दुग्ध संघ लालकुआं में सदस्य प्रबंध कमेटी के लिए कालाढूंगी के चुनाव के दौरान 30 अक्तूबर 2013 को आयोजित निर्वाचन प्रक्रिया को जांच के दौरान विधिवत नहीं पाया गया है
इसलिए नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अंतर्गत कालाढूंगी में निर्वाचन प्रक्रिया को निरस्त करते हुए निर्वाचित संजय सिंह किरौला का निर्वाचन निरस्त किया गया है। उन्होंने प्रधान प्रबंधक दुग्ध संघ को नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में कालाढूंगी क्षेत्र से सदस्य प्रबंध कमेटी के निर्वाचन के दौरान तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी दीपचंद्र पांडे के समक्ष संजय किरौला और हरीश देउपा दोनों दावेदारों ने अपनी ओर से एक दूसरे के विरुद्ध आपत्तियां दर्ज करवाई थी।
निर्वाचन अधिकारी ने हरीश देउपा की आपत्ति को नकारते हुए संजय किरौला द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति के आधार पर हरीश देउपा का आवेदन निरस्त कर दिया था। इसके बाद हरीश देउपा ने जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद दायर किया था।
लगभग साढे़ तीन वर्ष तक वाद लंबित रहने के बाद 15 मई को इस मसले पर बहस हुई जिसके बाद मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट दीपेंद्र कुमार चौधरी ने संजय किरौला के निर्वाचन प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए निर्वाचन निरस्त कर दिया है। संजय किरौला का कार्यकाल अभी एक साल और शेष है।