वन, विधि एवं न्याय मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में मौजूद अकूत वन संपदा, यहां की जैव विविधता और वन्यजीव प्रदेश के समृद्ध होने के प्रमाण हैं। जरूरत इस बात की है वन संपदा का संरक्षण करते हुए इसे लोगों के आर्थिक व्यवसाय से भी जोड़ें। आम जन सहभागिता के साथ इसकी सार्थक पहल नहीं की गई तो इसका गलत तरीके से विदोहन हो सकता है।
किलबरी में नैना देवी हिमालयन पक्षी विहार के उद्घाटन एवं भवाली वन विश्राम भवन के जीर्णोद्धार के अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में चार रिजर्व कंजर्वेशन हाल में खुले हैं, जिससे ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में सुविधा होगी। उन्होंने गांवों में ईको टूरिज्म को विकसित किए जाने की वकालत की। साथ ही पर्यटन प्रदेश में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मौजूदा पर्यटक स्थलों के साथ टूरिस्ट सर्किल बनाए जाने पर जोर दिया।
मुख्य वन संरक्षक धनंजय मोहन ने कहा कि सात मार्च 2015 को नैनीताल वन प्रभाग के 11191.90 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले नैना देवी हिमालयन पक्षी विहार को आरक्षित घोषित किया गया। प्रख्यात फोटोग्राफर एवं पक्षी प्रेमी अनूप साह ने यहां पाई जाने वाली चीर फीजेंट, रेड हेडेड वल्चर, ग्रेड स्पॉटेड ईगल, ईस्टर्न इंपिरियल ईगल, ग्रे-क्राउन, प्रिरीनिया, ब्लैक क्रिस्टेड टिट, ग्रीन क्राउन आदि पक्षियों के बारे में बताया। संसदीय सचिव क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या ने श्री अग्रवाल का का स्वागत करते हुए वन संरक्षण में ग्रामीणों के हक-हकूक सुरक्षित रखने की वकालत की। उन्होंने पंगूट-बुडलाकोट मार्ग निर्माण की मांग भी की।
इस दौरान केदारनाथ की विधायक शैला रानी रावत, अपर वन संरक्षक डीवीएस खाती, मुख्य वन संरक्षक परमजीत सिंह, कपिल जोशी, डीएफओ तेजस्विनी अरविंद पाटिल, पराग मधुकर धकाते, मारुति साह, वन क्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा, केसी सुयाल, मनोज शाह, मनोज पांडे, हीरा शाही, ग्राम प्रधान प्रेमा बुडलाकोटी, वीरेंद्र बिष्ट, दिनेश बुडलाकोटी आदि मौजूद थे। संचालन विवेक पांडे ने किया।