आसाम राईफल्स सिलोंग में तैनात नायबसूबेदार हरी सिंह बोरा की ड्यूटी के दौरान अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गयी। जिनका पार्थिव शरीर रविवार की सुबह राजकीय सम्मान के साथ उनके निवास स्थान पर पहुंचा।
स्थानीय शमशान घाट में उनके शव को सैनिक वाहन में फूलों से सजाकर घर से शमशान घाट लाया गया। जहां चिता को मुखाग्नि उनके पुत्र हिम्मत सिंह, लक्ष्मण सिंह ने दी।
मोहल्ला दुर्गापुरी रामनगर निवासी हरी सिंह बोरा (50) पुत्र स्व. कुंदन सिंह बोरा आसाम राईफल्स सिलोंग में नायबसूबेदार के पद पर कार्यरत थे। चार फरवरी को ड्यूटी के दौरान उनका स्वास्थ्य खराब हो गया।
साथी उन्हें उपचार के लिये अस्पताल ले गये जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। सैनिक की मौत की खबर जैसे ही परिजनों को हुई तो उनमें कोहराम मच गया। रविवार की सुबह सैनिक का शव रामनगर पहुंचा।
स्थानीय शमशान घाट में जेसीओ, ओयर्स के जवानों ने तीन राउंड हवाई फायर कर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान कैप्टन पीके सिंह, सुबेदार कुंवर सिंह, हवलदार कुलदीप खोलिया, परमीन आदि मौजूद थे।
जबकि शवयात्रा में पीसी सती, विद्यासागर भारद्वाज, नारायण सिंह रावत, जीवन सिंह बोरा, शिवेंद्र सिंह बोरा, हिम्मत सिंह बोरा, मदन सिंह, आनंद सिंह समेत कई लोग शामिल रहे।