‘पापा खूब शराब पीना कभी मना नहीं करूंगा, जय माता दी’। सुसाइड नोट में यह लिखकर हिमांशु ने जिंदगी से नाता तोड़ दिया और फांसी के फंदे पर झूल गया। अपने पिता से बेपनाह मोहब्बत करने वाले हिमांशु को बचपन में ही उसकी मां बड़े भाई को साथ लेकर चली गई। पिता के शराब पीने की आदत से हिमांशु बेहद परेशान था। वह कई बार पिता को शराब पीने से मना कर चुका था, लेकिन कोई असर नहीं हुआ, जिस कारण हिमांशु ने यह कदम उठाया।
अल्मोड़ा जिले के जाख सौड़ा कपडखान निवासी नवीन तिवारी का पुत्र हिमांशु तिवारी उर्फ सोनू (19) शहर में एक टेंट हाउस में काम करता था। वह कैनाल रोड निवासी बंशीधर तिवारी के मकान में किराए का कमरा लेकर अकेले रहता था। दो दिन पहले उसके पिता कमरेे में आए और एक दिन रहने के बाद गुरुवार को गांव चले गए। शुक्रवार सुबह देर रात कमरा नहीं खुलने पर मकान मालिक ने सोनू को आवाज दी। अंदर से कोई उत्तर नहीं मिलने पर मकान मालिक के परिजनों का भी शक हुआ। उन्होंने इसकी सूचना काठगोदाम पुलिस को दी।
पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़ी तो अंदर लकड़ी की कड़ी में सोनू की गर्दन लटक रही थी। पुलिस ने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बिस्तर पर रखे दो पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें सोनू ने लिखा था कि जब आदमी खुद से परेशान हो जाता है तो उसके पास जीने का कोई चारा नहीं होता है। इंसान को दो चीजों की जरूरत होती है। पहला पढ़ाई और दूसरा पैसा।
दरअसल दो दिन पहले सोनू के पिता उसके कमरे में आए थे। उस समय बेटे के मना करने के बावजूद उन्होंने शराब पी। पिता गुरुवार को गांव चले गए। इसके बाद सोनू ने सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में हिमांशु ने ‘जा रहा हूं इस महफिल से आप की इनायत है’ गाने की लाइन भी लिखी है। पुलिस पूछताछ से पता चला कि सोनू के दो भाई और एक बहन है। पिता की हरकत से तंग आकर उसकी मां बड़े बेटे को साथ लेकर 12 साल पहले अन्यत्र चली गई। सोनू हल्द्वानी आ गया और एक भाई और एक बहन पिता के साथ अल्मोड़ा में रहते हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।