नगर निगम में पेंशन नियमावली लागू हो गई है। निगम बनने के बाद से सेवानिवृत्त हो चुके 65 कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। तत्कालीन नगर पालिका से सेवानिवृत्त पेंशनरों को भी अब देहरादून पेंशन निदेशालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नगर निगम से पेंशन का भुगतान हो सकेगा।
हल्द्वानी को 2010-11 में नगर निगम का दर्जा मिला। इससे पहले नगर पालिका थी। नगर निगम बनने के बाद व्यवस्थाएं चौपट हो गई। नगर निगम का ढांचा पुनर्गठन और परिसीमन होना तो दूर कर्मचारियों की पेंशन नियमावली तक नहीं थी। निगम बनने के बाद से अब तक 65 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, जो पेंशन के लिए भटक रहे थे।
नगर निगम बोर्ड से पेंशन नियमावली को हरी झंडी मिलने के बाद प्रस्ताव शासन में गया था। शासन ने पेंशन नियमावली लागू कर कर्मचारियों को राहत दे दी है। मुख्य नगर अधिकारी आरडी पालीवाल के मुताबिक पेंशन नियमावली का 65 कर्मचारियों को त्वरित लाभ मिलेगा। तत्कालीन नगर पालिका से सेवानिवृत्त कर्मियों को भी पेंशन के लिए देहरादून के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। नगर निगम में पेंशन अनुभाग खुलेगा। यही से पेंशन जारी होगी।
सेवानिवृत्त कर्मियों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा था। कई कर्मचारियों ने घर का खर्च चलाने के लिए ब्याज पर पैसे लिए हैं। कर्मचारी पेंशन के लिए नगर निगम से लेकर शासन के चक्कर काट रहे थे। पेंशन नियमावली लागू होने से सबसे बड़ी राहत मिली है। -रितेश बेलवाल, अध्यक्ष नगर निगम इंपलाइज यूनियन