फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: अब तक जारी नहीं हुआ निकाय चुनाव कार्यक्रम, हाईकोर्ट पर पहुंचा मामला

Tue, 09 Jan 2024 03:30 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

उत्तराखंड में सभी निकायों का कार्यकाल खत्म हो गया है, जिसके बाद सरकार ने सभी निकायों में जिलाधिकारियों को प्रशासक नियुक्ति किया है। हाईकोर्ट में प्रदेश में निकाय चुनाव न होने वाली याचिका पर सुनवाई हुई।
विज्ञापन
उत्तराखंड नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईकोर्ट में नगर पालिकाओं के चुनाव नहीं कराने के मामले में हाईकोर्ट में एक और याचिका दायर हुई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ में मंगलवार को भी मामले की सुनवाई होगी। निकायों के चुनाव कराने के लिए पूर्व से ही एक जनहित याचिका कोर्ट में विचाराधीन है।
विज्ञापन


नगर निवासी वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि प्रदेश की नगर पालिकाओं का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो गया है लेकिन सरकार ने चुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। इसके उलट निकायों में प्रशासक नियुक्त कर दिए। 

ये पढ़ें- आउटसोर्स कर्मचारियों को HC से बड़ी राहत: वन विभाग के उस आदेश को किया रद्द, जिसमें बदला गया था मानव मद

विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में कहा गया कि सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि वह निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करे। प्रशासक तब नियुक्त किया जाता है जब कोई निकाय भंग हो जाता है। उस स्थिति में भी सरकार को छह माह के भीतर चुनाव कराना होता है। यहां निकायों ने कार्यकाल पूरा कर लिया है लेकिन अभी तक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है। सरकारों ने निकायों में अपने प्रशासक नियुक्त कर दिए जो संविधान के विरुद्ध है। कहा कि लोकसभा व विधानसभा के चुनाव की तर्ज पर निकायों के चुनाव तय समय पर क्यों नहीं होते। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें