हल्द्वानी। नगर निगम विस्तारीकरण के लिए नए सिरे से परिसीमन होगा। परिसीमन को लेकर कई प्रस्ताव शासन को जा चुके हैं। सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा। अगले साल नगर निगम के चुनाव होने हैं। इसी दिसंबर में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। ऐसे में त्रिवेंद्र सरकार पर चुनाव से पहले नगर निगम का विस्तारीकरण का दबाव रहेगा। परिसीमन रिपोर्ट 15 मई तक शासन को भेजी जानी है।
हल्द्वानी महानगर का रूप ले चुका है। नगर निगम का परिसीमन दशकों पुराना पालिका के समय का है। निगम क्षेत्र में 25 वार्ड हैं। परिसीमन का प्रस्ताव कई बार शासन को भेजा गया है। इसमें शहर से सटे 56 गांवों को नगर निगम में शामिल किया जाना है। प्रस्तावों पर सहमति नहीं बनने से मामला लटका है। पिछली सरकार मात्र दमुवाढूंगा क्षेत्र नगर निगम में शामिल कर पाई है। नगर निगम में शामिल नहीं होने के कारण अधिकतर गांवों में स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार का फोकस नगर निकायों के परिसीमन पर है। बृहस्पतिवार को नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के मेयर और मुख्य नगर आयुक्त को बुलाकर परिसीमन प्रस्तावाें की समीक्षा की।
हल्द्वानी मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला और मुख्य नगर आयुक्त केके मिश्रा भी इसमें शामिल हुए। नगर विकास मंत्री ने कहा कि हल्द्वानी नगर निगम के परिसीमन प्रस्ताव की दोबारा समीक्षा की जाए। पूर्व में भेजे गए सभी प्रस्तावों में कौन-कौन से गांव शामिल किए गए हैं उनमें जनता की सहमति बनाई जाए। 15 मई तक जिलाधिकारी को परिसीमन की रिपोर्ट शासन को भेजनी है।
2018 में नगर निकाय और फिर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हैं। नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना इसी साल दिसंबर तक लगने की संभावना है। चुनाव से पहले परिसीमन का मामला निस्तारित करना है, ताकि वार्डों की संख्या बढ़ाकर नए परिसीमन में चुनाव कराए जा सकें।