नैनीताल। इंफ्रास्ट्रेक्चर डेवलपमेंट इंवेस्टमेंट प्रोग्राम आफ टूरिज्म (आईडीआईपीटी) के तहत साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से द्वितीय चरण में आयोजित द एलिमिनेट उत्तराखंड हिमालयन एमटीबी चैलेंज 2016 शुक्रवार को सरोवर नगरी से शुरू हो गई। 16 अप्रैल तक चलने वाली इस प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को मंडलायुक्त अवनेंद्र सिंह नयाल ने फ्लैट्स परिसर में फ्लैग आफ कर किया। प्रतियोगिता के तहत साइकिलिंग रेस का शुभारंभ शनिवार की सुबह सात बजे नैनीताल में होगी।
फ्लैग आफ कार्यक्रम में मंडलायुक्त ने कहा कि इस तरह के साहसिक खेलों से जहां एक ओर पर्यटन का विकास होता है। डीएम दीपक रावत ने कहा कि नैनीताल के साथ-साथ अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में बाइकिंग लोकप्रिय हो रही है। डीएम रावत ने कहा कि पर्यटक सीजन के दौरान छोटे-छोटे रूटों पर भी रेस कराई जाएगी। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण, डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल, केएमवीएन के एमडी डीएस गर्ब्याल, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, उप निदेशक जेसी बेरी, टीएस मर्तोलिया, सीएफआई के सचिव ओमकार सिंह, अवस्थापना निदेशक आरके जोशी आदि मौजूद थे।
नैनीताल। अपर सचिव पर्यटन आशीष जोशी ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 112 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 101 राष्ट्रीय और 11 अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में यूएसए, कनाडा, न्यूजीलैंड, मंगोलिया, श्रीलंका, नेपाल और भारत के प्रतिभागी शामिल हैं। प्रतिभागियों में भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल एवं एसएसबी के प्रतिभागी भी हिस्सा ले रहे हैं।
नैनीताल। आयोजकों ने बताया कि नौ अप्रैल को रेस का शुभारंभ सुबह सात बजे नैनीताल से होगा। रेस पहले दिन भवाली-खुटानी-पदमपुरी-धारी-धानाचूली-भटेलिया-क्वारब से होकर 85 किमी की दूरी तय कर अल्मोड़ा पहुंचेगी। 10 अप्रैल को अल्मोड़ा से वाया कोसी, सोमेश्वर, कोसानी, गरुड़ बैजनाथ होते हुए ग्वालदम और 11 अप्रैल को ग्वालदम से वाया नंदकेसरी, थराली, नारायण बगड़, सिमली, कर्णप्रयाग, खल, देवर, पोखरी, मोहनखाल, कनकचैरी और दुर्गाधार होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचेगी।
12 अप्रैल को रुद्रप्रयाग से तिलवाड़ा, बेनौली, मयाली, चिरबटिया, घनसाली, गड़ालिया, पीपलडाली, टिपरी, टिहरीबांध होते हुए नई टिहरी पहुंचेंगे। 14 अप्रैल को रेस नई टिहरी से कुटठाधार, दोबाटा, जाख, चाटीडोबरा, कंडीसौर होते हुए चिन्यालीसौड पहुंचेगी। 15 अप्रैल को चिन्यालीसौड़ से वाया गौरगांव, मौरीयाना, टिगलिंग, प्वाइंट भवन, रातों की बेली, सुवाखोली, बांटाघाट होकर मसूरी में समाप्त होगी। 16 अप्रैल को राज्यपाल की मौजूदगी में देहरादून में पुरस्कार वितरण होगा।