शुक्रवार से आरंभ होने वाले चैत्र नवरात्र के लिए बाजार पूरी तरह सज गये हैं। माता के श्रृंगार के लिए रामपुर व मुरादाबाद की चुनरी के साथ ही सहारनपुर के जरी वाले मुकुट और फैंसी मालाओं की लोगों में काफी डिमांड है। माता के रूप में स्थापित किये जाने वाले नारियल की कीमतों में भी ज्यादा फर्क नहीं आया है। पूजा सामग्री की कीमतों में पिछले वर्ष की अपेक्षा पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
मां दुर्गा की पूजा अभ्यर्थना के लिए शारदीय नवरात्रों के साथ ही चैत्र के नवरात्रों का भी विशेष महत्व है। नौ दिनों तक की जाने वाली माता की साधना में कोई कोर कसर नहीं रहे इसके लिए भक्त पूजा अनुष्ठान के साथ ही माता का भव्य श्रृंगार भी करते हैं।
माता के श्रृंगार के लिए बाजार में विभिन्न प्रकार के वस्त्र, मुकुट, माला आदि उपलब्ध हैं। मीर मार्ग स्थित गणपति जयमाला स्टोर के थोक व्यापारी हीरालाल साहू बताते हैं पूजा सामग्री की कीमतों में इस वर्ष करीब पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है उसके बाद भी भक्तों का उत्साह कम नहीं है। माता के श्रृंगार के लिए रामपुर व मुरादाबाद की चुनरी के साथ ही सहारनपुर के जरी वाले मुकुट और फैंसी माला की लोग ज्यादा डिमांड कर रहे हैं।
जरी मुकुट 30 रुपये से 500 रुपये तक व फैंसी माला 50 रुपये से लेकर 300 रुपये कीमत में उपलब्ध हैं। माता की ड्रेस सादे रंगीन कपड़ों से लेकर कड़ाई दार कपड़े में आई है। नारियल की कीमतों में ज्यादा फर्क नहीं आया है।
पूजन सामग्री की कीमतें
बड़ी माला --- 100 से पांच सौ रुपये
फैंसी माला --- 50 से 250 रुपये
हल्के मुकुट --- 15 से 50 रुपये
जरी मुकुट ---- 40 से 500 रुपये
सादी चुनरी --- पांच से 350 रुपये
कढ़ाई चुनरी --- 50 से 900 रुपये
माता का घाघरा ---- 10 से 1500 रुपये
माता की पूरी ड्रेस----- 35 से दो हजार रुपये
श्रृंगार पैकेट ----- पांच से 20 रुपये
श्रृंगार डिबिया ----- तीस से 70 रुपये
माता का मुखौटा ------ दस से 50 रुपये
नारियल ------- 15 से बीस रुपये
पंचमेवा पैकेट ------- दो से 10 रुपये
माता की चौकी ------- 150 रुपये
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