भोजन माता संगठन के बैनर तले शुक्रवार को सैकड़ों भोजन माताएं तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आईं। घासमंडी प्राथमिक विद्यालय से जुलूस की शक्ल में महिलाएं एसडीएम दफ्तर पहुंचीं, जहां एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा।
तहसील में आयोजित धरना स्थल पर शाखा सचिव भावना रावत ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर भोजन माताओं की समस्याओं पर गौर नहीं कर रही है। भोजन माताओं ने 10 की जगह 12 माह का मानदेय देने, न्यूनतम मानदेय 10 हजार रुपए करने एवं भोजन माताओं को राज्य कर्मचारियों की भांति 14 दिन का अवकाश देने की मांग की। साथ ही धमकी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान शाखाध्यक्ष विमला देवी, मंत्री भावना रावत, दीपा जोशी, भवानी बिष्ट, नंदी देवी, उमा देवी, बबिता कश्यप, बाला कश्यप, भावना रावत, संगीता देवी, सावित्री देवी, सुनीता देवी, शांत देवी, मीना पांडे, लक्ष्मी देवी, तुलसी जोशी, शकुंतला, सीता देवी, लक्ष्मी देवी आदि मौजूद थीं।