हल्द्वानी। कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा अब समर्थ पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। इस प्रक्रिया को लागू हुए एक माह होने वाला है। मगर अबतक यह रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। कुमाऊं के सबसे बड़े एमबीपीजी कॉलेज और एक मात्र महिला महाविद्यालय आदि में अधिकतर विद्यार्थियों की अनुपस्थिति से समर्थ पोर्टल पर उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है।
उच्च शिक्षा विभाग ने समर्थ पोर्टल पर कॉलेज के छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए प्राध्यापकों ने अपने मोबाइल में जीपीएस कैमरा एप डाउनलोड किया है। शुरूआत में शिक्षकों ने कक्षा में उपस्थित छात्रों के साथ सेल्फी ली। इसे समर्थ पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अपने कंप्यूटर और मोबाइल में सेव किया। लेकिन धीरे-धीरे यह प्रक्रिया भी सुस्त पड़ने लगी है। इसका कारण छात्रों का कम संख्या में कक्षाओं में उपस्थित नहीं होना बताया जा रहा है।
प्राध्यापक लैक्चर के दौरान कक्षा में उपस्थित छात्रों के साथ सेल्फी लेकर उपस्थिति सुनिश्चित कर रहे हैं। इस दौरान कक्षा में 20 प्रतिशत छात्र भी नहीं दिख रहे हैं। कॉलेजों में समर्थ पोर्टल से भी उपस्थिति का सिस्टम कारगर नहीं हो पा रहा है।
विगत दिनों महिला डिग्री कॉलेज में छात्राओं ने समर्थ पोर्टल पर उपस्थिति के लिए अपनी सेल्फी को लेकर विरोध जताया था। बताया जा रहा है कि तब से प्राध्यापकों ने कक्षा में छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सेल्फी लेना बंद कर दिया है। दूसरे तरीकों से उपस्थिति लगाई जा रही है।
वहीं एमबीपीजी कॉलेज में कई कक्षाओं में न के बराबर छात्र पहुंच रहे हैं। इससे उनकी उपस्थिति नहीं लग रही है। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी आने वाले समय में वे परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
विद्यार्थियों की समर्थ पोर्टल पर उपस्थिति अनिवार्य है। 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर वह परीक्षा से वंचित रह सकते हैं। कॉलेजों से समर्थ पोर्टल पर उपस्थिति का अपडेट लिया जा रहा है। - डॉ. दीपक पांडे, सहायक निदेशक उच्च शिक्षा व नोडल समर्थ