बीते दिनों लामाचौड़ रोड पर बिजली पोल के कटे हुए हिस्से से कार दुर्घटना हो गई थी। यह स्थिति केवल लामाचौड़ की नहीं है। शहर के कई मार्ग ऐसे हैं, जहां पर नजर हट जाए तो दुर्घटना तय है। पर लोनिवि के अफसर आंखें बंद किए हुए हैं।
क्रियाशाला के पास कवर्ड नहर में सफाई के लिए चैंबर बनाए गए तो उसका ढक्कन खुला पड़ा है। जहां कोई भी वाहन सवार या पैदल राहगीर गिर सकता है। नई आईटीआई के पास लंबे समय से तालाब बना हुआ है। कैंसर इंस्टीट्यूट के पास लोहे के गार्ड लगे हैं, रामपुर रोड पर आयशर शोरूम के पास टेलीफोन का खंभा मुड़कर सड़क पर धंस गया, यह भी जानलेवा बन सकता है।
लेकिन मजाल कि कोई अधिकारी इसे देख पाए। बाकी रही सही कसर खनिज ले जाने वाले डंपरों ने पूरी कर दी है, जो हर तरफ बजरी फैलाते चलते हैं। और इनमें से अधिकांश में तो रिफ्लेक्टर ही रहीं होते। पर देखे कौन...?