हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर सोमवार को दो दुकानें ध्वस्त कर दीं। अतिक्रमणकारियों से एक-एक लाख जुर्माना और अतिक्रमण ढहाने में आया खर्च भी वसूला जाएगा।
मनुमहारानी होटल के पास अतिक्रमण की जद में आई पांच दुकानों को 15 दिन के भीतर तोड़ने संबंधी आदेश 15 जनवरी को हाईकोर्ट ने प्रशासन को दिए थे। हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ प्रदीप सिंह बिष्ट एवं अन्य दो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदीप सिंह बिष्ट और अन्य के मामले में यथा स्थिति बनाए रखने के साथ ही प्रदेश सरकार से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। जिन दो लोगों का अतिक्रमण सोमवार को प्रशासन ने ध्वस्त किया, उनमें शहजाद पुत्र सईद अहमद निवासी चार्टन लॉज और प्रकाश पुत्र गुसाईं राम जुबलीहाट कंपाउंड निवासी हैं।
प्रकाश 1986 से यहां रेस्टोरेंट चलाते थे जबकि शहजाद 1991 से बारबर की दुकान चला रहे थे। दोपहर एक बजे से शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शाम चार बजे तक चली। अतिक्रमण तोड़ने गई टीम में एसडीएम आशीष चौहान, तहसीलदार बीएस लटवाल, पालिका के कर अधीक्षक राजदेव जायसी, मल्लीताल के कोतवाल टीआर वर्मा, एसआई राजेंद्र कुमार के अलावा एलडीए, लोनिवि के अधिकारी थे।