राज्य बनने के बाद से अब तक 20 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। अधिकतर हादसे शराब के सेवन और ओवर स्पीड के कारण हुए हैं। सर्वाधिक मौतें 2008 में 1073 हुईं हैं। वर्ष 2023 में 1054 और 2022 में 1042 मौतें हुईं हैं। यह आंकड़े आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया की ओर से मांगी गई सूचना में सामने आए हैं।
उत्तराखंड में सड़क हादसे कम हो इसके लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह सहित कई अन्य जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसके बाद भी हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है। वर्ष 2001 से लेकर अबतक कुल 20,535 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गवां चुके हैं। सरकार और पुलिस प्रशासन लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। बस हादसों पर रोक लगाने के नाम पर चालान काटे जा रहे हैं।